बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। भारत सरकार द्वारा 29 फरवरी 2024 को ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ लॉन्च की थी। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य देश के घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है, लेकिन राजस्थान में ऑपरेशनल गाइडलाइन जारी नहीं होने के चलते इसमें देरी हो रही है। सौर ऊर्जा से जुड़े लोगों का मानना है कि अभी सोलर एनर्जी के लिए पीक टाइम है, एक दिन की देरी भी बड़ी देरी साबित होगी। इसलिए सरकार को जल्द से जल्द ऑपरेशनल गाइड लाइन जारी करनी चाहिए।
योजना पर कुल व्यय 75,021 करोड़ रुपए
योजना का कुल परिव्यय 75,021 करोड़ रुपए है और इसे वित्तीय वर्ष 2026-27 तक लागू किया जाएगा। योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को अपनी छतों पर सोलर रूफ टॉप संयंत्र लगाने के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना में 1 करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओंको वित्तीय सहायता देने का लक्ष्य है। योजना की प्रशासनिक स्वीकृति 16 मार्च 2024 को जारी की गई।
लाखों उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली मिलेगी
राजस्थान सरकार ने एक ऐतिहासिक योजना शुरू की है, जो सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ लाखों उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री नि:शुल्क बिजली योजना के तहत, जिन घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली खपत 150 यूनिट से अधिक है, उन्हें रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा तभी वे इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। यह कदम पीएम सूर्य घर योजना के साथ तालमेल रखते हुए तीन अलग-अलग मॉडल पेश करता है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लोगों को सौर ऊर्जा अपनाने में सहायता मिलेगी। योजना पर कुल सब्सिडी 95 हजार रुपए की होगी। इसमें 75 हजार रुपए पीएम सूर्य घर योजना से मिलेगी और 17 हजार रुपए की सब्सिडी मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना से मिलेगी।
3 गीगावॉट सौर ऊर्जा का लक्ष्य
राजस्थान सरकार का लक्ष्य 27 लाख (2.7 मिलियन) रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित कर 3 जीडब्ल्यू सौर क्षमता जोडऩे का है। यह योजना न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी बल्कि हरित और स्वच्छ भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
राजस्थान के सौर ऊर्जा मॉडल : कौन सा आपके लिए सही है?
मॉडल 1 : व्यक्तिगत रूफटॉप सोलर – मुफ्त बिजली के लिए अनिवार्य
-150 यूनिट से अधिक खपत करने वालों के लिए सोलर अनिवार्य।
– सरकार द्वारा 1.1 केडब्ल्यू का सोलर सिस्टम मुफ्त दिया जाएगा, जिससे हर महीने 150 यूनिट फ्री बिजली मिलेगी।
– यदि सोलर नहीं लगवाया, तो मुफ्त बिजली योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
– आर्थिक सहायता : 50 हजार रुपए की कुल लागत में से 33,000 रुपए केंद्र सरकार और 17,000 रुपए राज्य सरकार देगी, जिससे यह योजना पूरी तरह सब्सिडी युक्त होगी।
मॉडल 2 : यूटिलिटी-आधारित सामुदायिक सोलर प्लांट (यूएलए) – 7.7 मिलियन उपभोक्ताओं के लिए
– कम बिजली खपत करने वालों या बिना रूफटॉप वाले उपभोक्ताओं के लिए सामुदायिक सोलर प्लांट।
– 1 एमडब्ल्यू क्षमता वाले सामूहिक सोलर प्लांट स्थापित होंगे, जिसमें 2 एमडब्ल्यूएच बैटरी स्टोरेज भी होगा।
– हर उपभोक्ता को 1.1 केडब्ल्यू की हिस्सेदारी मिलेगी, जिससे 150 यूनिट मुफ्त बिजली सुनिश्चित होगी।
– परियोजना को ॥4ड्ढह्म्द्बस्र ्रठ्ठठ्ठह्वद्बह्ल4 रूशस्रद्गद्य (॥्ररू) के तहत लागू किया जाएगा और राज्य सरकार इसके लिए निविदाएं जारी करेगी।
मॉडल 3 : पीएम सूर्य घर योजना – योजना से वंचित उपभोक्ताओं के लिए विशेष लाभ
– मुख्यमंत्री मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थी नहीं होने वाले उपभोक्ताओं के लिए अलग से प्रोत्साहन।
– सोलर लगाने पर मुफ्त इंडक्शन कुकटॉप और ग्रिड में बिजली बेचने पर 15 पैसे/यूनिट का अतिरिक्त लाभ।
योजना से जुड़े प्रमुख सवाल :
1. सिस्टम के रखरखाव का जिम्मेदार कौन होगा?
2. यदि मेरे बिजली बिल शून्य हैं, तो मुझे यह सिस्टम क्यों स्थापित करना चाहिए?
3. भविष्य में तकनीकी समस्या आने पर समाधान कौन करेगा?
4. क्या ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह योजना लागू होगी?
राजस्थान सोलर एसोसिएशन लंबे समय से इसकी मांग कर रहा था। पीएम सूर्य घर योजना राजस्थान के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा। यह योजना एक नई ऊंचाई और एक नई दिशा प्रदान करेगी।
– नितिन अग्रवाल, सीईओ, राजस्थान सोलर एसोसिएशन

सरकार में सोलर पर सब्सिडी के ऐलान से इसे निश्चित रूप से बढ़ावा मिलेगा। सामुदायिक सोलर योजना में करीब 70 लाख उपभोक्ता कवर होंगे। प्रदेश में 27 लाख उपभोक्ता ऐसे हैं जो 17 हजार की सब्सिडी में कवर होंगे। सरकार को जल्द से जल्द ऑपरेशनल गाइडलाइन निकालनी चाहिए, जिससे इस ओर तेजी से कदम बढ़ाए जा सकें। सोलर एनर्जी के लिए यह पीक टाइम है। एक दिन की भी देरी बड़ी देरी साबित होगी।
— अजय यादव, अध्यक्ष, राजस्थान अक्षय ऊर्जा संघ (रियर)

