भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट देखने को मिली। बुधवार को शुरुआती कारोबार के दौरान Nifty 24,250 के नीचे फिसल गया, जबकि Sensex लगभग 530अंक की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में लगभग सभी क्षेत्रों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिससे प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते रहे। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की सतर्कता और व्यापक बिकवाली के कारण बाजार पर दबाव बना रहा। हालांकि कुछ चुनिंदा शेयरों ने मजबूती दिखाई, लेकिन अधिकांश बड़े शेयरों में कमजोरी रहने से बाजार की चाल नकारात्मक बनी रही।
Nifty पर ओएनजीसी, डॉ. रेड्डीज़ लेबोरेट्रीज़, सिप्ला, विप्रो और सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज़ के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। दूसरी ओर श्रीराम फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स और आयशर मोटर्स के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली। क्षेत्रवार प्रदर्शन की बात करें तो सूचना प्रौद्योगिकी, दवा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार करते रहे। ऊर्जा, तेल एवं गैस, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक तथा आधारभूत संरचना क्षेत्र के सूचकांकों में लगभग 1प्रतिशत तक की कमजोरी दर्ज की गई।
वहीं व्यापक बाजार पर भी दबाव बना रहा। Nifty Midcap और Nifty Smallcap सूचकांक भी गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। इससे साफ संकेत मिलता है कि बिकवाली केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मध्यम और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों ने मुनाफावसूली की। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों और घरेलू निवेशकों की सतर्क रणनीति के कारण बाजार पर दबाव बना हुआ है। आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक बाजारों की चाल, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और प्रमुख आर्थिक संकेतकों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।

