Sunday, July 5, 2026 |
Home Metro City Specialराज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय

राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय

ग्लोबल मेडिकल टूरिज्म हब बनेगा राजस्थान, तीन नई नीतियों को मंजूरी

by Business Remedies
0 comments

बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में नियोजित नगरीय विकास को प्रोत्साहन देने, मेडिकल ट्यूरिज्म को बढ़ावा देने, अक्षय ऊर्जा सहित ऊर्जा क्षेत्र के विकास, कर्मचारी कल्याण एवं विभिन्न संवर्गों के कार्मिकों के लिए पदोन्नति के अधिक अवसर उपलब्ध करवाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए।
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप राजस्थान को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे के साथ प्रमुख मेडिकल टूरिज्म हब बनाने के उद्देश्य से मंत्रिमण्डल की बैठक में मेडिकल वैल्यू ट्रेवल पॉलिसी (हील इन राजस्थान नीति-2025) के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। यह नीति राजस्थान को सुलभ, किफायती लागत और भरोसेमंद मेडिकल वैल्यू ट्रेवल (एम.वी.टी.) डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करेगी। यह नीति स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्रों को एकीकृत करके आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, और वैश्विक ब्रांडिंग को बढ़ावा देगी। इस नीति के तहत निवेशकों को राजस्थान निवेश संवर्धन योजना (रिप्स), राजस्थान औद्योगिक विकास नीति और पर्यटन नीति के तहत प्रोत्साहन उपलब्ध कराये जाएंगे तथा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप और वायबिलिटी गैप फंडिंग का भी उपयोग किया जाएगा।
टाउनशिप पॉलिसी-2024 का अनुमोदन: संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए नियोजित विकास को बढ़ावा देने के लिए नवीन टाउनशिप पॉलिसी-2024 लाई जाएगी। इस नीति के क्रियान्वयन, निगरानी एवं समीक्षा हेतु राज्य स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा, जिससे शहरी योजनाओं के विकास में आने वाली समस्याओं का त्वरित निदान हो सकेगा।
राजस्थान सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नीति, 2025 का अनुमोदन: गोदारा ने बताया कि गैस आधारित अर्थव्यवस्था को बढावा देने के लिए राजस्थान सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नीति, 2025 का अनुमोदन भी आज मंत्रिमंडल द्वारा किया गया। इससे राज्य में कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी और स्वच्छ, सुरक्षित व पर्यावरण अनुकूल प्राकृतिक गैस की पहुंच आमजन तक सुलभ हो सकेगी। इस नीति से सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) के इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इससे पीएनजी एवं सीएनजी नेटवर्क का छोटे शहरों व नगरों में तेजी से विस्तार हो सकेगा।
प्रक्रियाधीन भर्ती में रिक्तियों की संख्या में सौ प्रतिशत तक वृद्धि का प्रावधान: उपमुख्यमंत्री डॉ. बैरवा ने बताया कि वर्तमान में विविध सेवा नियमों में विज्ञापित रिक्तियों की संख्या का 50 प्रतिशत तक वृद्धि कर चयन किये जाने का प्रावधान है। वर्ष 2024-25 की बजट घोषणा की अनुपालना में इसे बढ़ाते हुए विज्ञप्ति जारी होने के बाद भी रिक्तियों की संख्या में सौ प्रतिशत तक वृद्धि का प्रावधान करने का निर्णय किया गया है।
परिवर्तित पदनाम एवं नवीन पद सेवा नियमों में शामिल: उपमुख्मयंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा कृषि विभाग में कृषि विस्तार सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं कृषि विस्तार संवर्ग में कृषि पर्यवेक्षक (लेवल-5) को पदोन्नति के अवसर देने के लिए वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक (लेवल-10) का पद सृजित किया गया है। इसे अब तक सेवा नियमों में शामिल नहीं किया जा सका था। अब मंत्रिमंडल के अनुमोदन के बाद वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक के पद का पे-लेवल राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम-2017 में सम्मिलित किया जा रहा है।
विविध सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी: उपमुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान शिक्षा (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा में प्राध्यापक (कृषि) के पद पर सीधी भर्ती हेतु योग्यता में आई.सी.ए.आर. के स्थान पर यू.जी.सी. से मान्यता प्राप्त डिग्री को मान्य किया गया है। इसी प्रकार, एन.सी.टी.ई. से मान्यता प्राप्त संस्थानों से प्राप्त बीएड को ही मान्य किया गया है। इसके लिए राजस्थान शिक्षा (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा नियम-2021 में संशोधन किया जा रहा है।
राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति-2024 में संशोधन: पटेल ने बताया कि राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति-2024 में संशोधन को आज मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी प्रदान की गई। संशोधन के फलस्वरूप ऐसे निवेशक जिन्होंने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत 1000 मेगावाट या उससे अधिक अक्षय ऊर्जा या ग्रीन हाईड्रोजन परियोजनाओं के लिए एमओयू किए हैं एवं जिनके पास पीपीए अथवा कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है, उनके द्वारा अक्षय ऊर्जा निगम में भूमि हेतु पंजीयन एवं आवश्यक शुल्क जमा कराए जाने पर राजस्व विभाग को इन परियोजनाओं हेतु मौजूदा प्रावधानों के तहत सेट-अपार्ट की अनुशंषा की जा सकेगी।



You may also like

Leave a Comment