Saturday, July 11, 2026 |
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राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय

आर्थिक समृद्धि, सतत् विकास एवं समावेशी प्रगति के लिए ‘विकसित राजस्थानञ्च2047’ विजन डॉक्यूमेंट का अनुमोदन

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में प्रदेश की आर्थिक समृद्धि, सतत् विकास एवं समावेशी प्रगति के विजन डॉक्यूमेंट ‘विकसित राजस्थानञ्च2047’ एवं 2 नीतियों को मजूंरी दी गई। इसके साथ ही, आगामी विधानसभा सत्र को देखते हुए 3 विधेयकों के प्रारूप के अनुमोदन, परवन बांध डूब क्षेत्र के विस्थापितों को विशेष अनुग्रह राशि स्वीकृत करने तथा युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहन देने से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले किए गए।
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ तथा जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप राज्य सरकार के ‘विकसित राजस्थानञ्च2047’ विजन डॉक्यूमेंट का मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदन किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य को आर्थिक समृद्धि, सतत् विकास एवं समावेशी प्रगति की दिशा में सशक्त, आत्मनिर्भर एवं विकसित बनाने का रोडमैप है। विजन डॉक्यूमेंट के अनुरूप संबंधित विभाग विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेंगे तथा वित्तीय आवश्यकताओं का वर्षवार आकलन कर उपलब्ध संसाधनों के अनुसार इसकी क्रियान्विति करेंगे।
मंत्रिपरिषद् की बैठक में वन स्टेट-वन इलेक्शन को लेकर चर्चा: संसदीय कार्य मंत्री पटेल ने बताया कि राज्य सरकार वन स्टेट, वन इलेक्शन को लागू करने की दिशा में निरंतर जरूरी कदम उठा रही है। पंचायतीराज एवं शहरी निकायों के परिसीमन, पुनर्गठन इत्यादि के संबंध में गठित मंत्रिगणों की कमेटियों द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट को मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य ओबीसी आयोग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना करते हुए पंचायती राज संस्थाओं एवं नगरीय निकायों के निर्वाचन में अन्य पिछड़ा वर्ग के संबंध में आरक्षण के बारे में सर्वे पूरा होने के बाद आगामी तीन माह में अनुशंषा देगा।
उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के लिए विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना: उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा युवाओं को स्वावलंबी बनाने एवं रोजगार के नए अवसर उपलब्ध करने के उद्देश्य से विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना को मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी प्रदान की गई। इस योजना के तहत 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को वित्तीय संस्थानों के माध्यम से मार्जिन मनी एवं कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे स्वयं का उद्यम स्थापित कर सकेंगे या पहले से स्थापित उद्यम का विस्तार, विविधीकरण अथवा आधुनिकीकरण कर सकेंगे। योजना में अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 8 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान दिया जाएगा। महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग श्रेणी के उद्यमियों, ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित उद्यम, कार्ड धारक बुनकर एवं शिल्पकारों को 1 करोड़ से अधिक और 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 1 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान मिलेगा। साथ ही, वित्तीय संस्थान द्वारा दिए गए ऋण पर 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम 5 लाख रुपये तक मार्जिन मनी अनुदान भी प्रदान किया जाएगा।
रिम्स की स्थापना के लिए आएगा विधेयक: संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि वर्ष 2024-25 की बजट घोषणा की अनुपालना में राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज का उन्नयन कर राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स), जयपुर की स्थापना के लिए विधेयक के प्रारूप पर कैबिनेट में सहमति प्रदान की गई। एम्स, नई दिल्ली की तर्ज पर यह संस्थान राज्य का एकमात्र पीजी स्तर का चिकित्सा संस्थान होगा। इसके माध्यम से सुपर-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को नया आयाम मिलेगा तथा चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और रोगी देखभाल के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति होगी।
नगरीय क्षेत्रों के लिए भूमि आवंटन नीति-2025 को मंजूरी: संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि राज्य में सार्वजनिक, सामाजिक, धार्मिक एवं चैरिटेबल संस्थाओं, ट्रस्ट, निजी निवेशकों, कम्पनियों तथा विभिन्न विभागों द्वारा शैक्षणिक, चिकित्सकीय, औद्योगिक, व्यावसायिक और पर्यटन इकाइयों आदि के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी, एकरूप बनाने के उद्देश्य से ‘नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न उद्देश्यों के लिए भूमि आवंटन नीति-2025’ लाई जा रही है। इस नीति में विभिन्न सामाजिक उपयोगों हेतु भूमि आवंटन आरक्षित/डी.एल.सी. दर की 40 प्रतिशत दर पर किया जाएगा। रीको एवं आवासन मंडल को अविकसित भूमि कृषि डी.एल.सी. दर पर आवंटित की जा सकेगी। राजकीय विभागों को उनकी गतिविधियों हेतु निर्धारित सीमा तक भूमि नि:शुल्क आवंटित की जाएगी। साथ ही पर्यटन, आई.टी. उद्योग जैसी विशिष्ट नीतियों के तहत भी राज्य सरकार की स्वीकृति से भूमि आवंटन किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि यह नीति भूमि आवंटन नीति-2015 को प्रतिस्थापित करेगी। इस नीति के अंतर्गत आवासीय परियोजना, वाणिज्यिक परिसर, रिटेल फ्यूल स्टेशन, गैस वितरण प्रोजेक्ट, गैस गोदाम, रेड कैटेगरी उद्योग आदि को भूमि आवंटन नहीं किया जाएगा।
एयरो स्पोर्ट्स गतिविधियों हेतु हवाई पट्टियों की भूमि लीज आवंटन नीति: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि राज्य में एयरो स्पोर्ट्स गतिविधियों को ब?ावा देने, वर्तमान में कम उपयोग में आ रही हवाई पट्टियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने और एडवेंचर ट्यूरिज्म को प्रोत्साहन देने के लिए ‘एयरो स्पोर्ट्स गतिविधियों हेतु हवाई पट्टियों की भूमि लीज आवंटन नीति’ को मंजूरी दी गई है।
एनबीसीसी करेगी राजस्थान मण्डपम, जीसीसी टावर का निर्माण: उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने बताया कि बी-2 बाईपास, जयपुर स्थित रीको की 95 एकड़ भूमि पर राजस्थान मण्डपम, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, आईटी टावर का निर्माण राजस्व सृजन सह विकास मॉडल के आधार पर एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के माध्यम से कराये जाने के प्रस्ताव का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन किया गया। इस भूमि पर राजस्थान मण्डपम, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर/आईटी टावर, 5-स्टार होटल, 4-स्टार होटल, आवासीय एवं वाणिज्यिक टावरों का विकास किया जाएगा। परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 3700 करोड़ रुपए है, जिसमें 635 करोड़ रुपये की भरपाई राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। परियोजना पूर्ण होने की अनुमानित अवधि 30 माह है।
राजस्थान राज्य राजमार्ग शुल्क नियम में एक्सप्रेसवे की दरों में संशोधन: राठौड़ ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 की बजट घोषणा के अनुसार एक्सप्रेसवे की 7 परियोजनाओं की डीपीआर तैयार करवाई जा रही है। अब तक 4 एक्सप्रेसवे परियोजनाओं कोटपूतली-किशनगढ़, जयपुर-भीलवाड़ा, ब्यावर-भरतपुर, जयपुर-फलौदी की रिपोर्ट डीपीआर सलाहकार द्वारा प्रस्तुत की गई है जबकि शेष 3 परियोजनाओं जालोर-झालावाड़, अजमेर-बांसवाड़ा एवं श्रीगंगानगर की रिपोर्ट का कार्य अभी प्रगति पर है।
उन्होंने बताया कि राजस्थान राज्य राजमार्ग शुल्क नियम, 2015 के अनुसार एक्सप्रेसवे पर शुल्क की दरें वर्तमान में राज्य राजमार्गों की निर्धारित दर से दोगुनी हैं, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग एक्सप्रेसवे पर यह दर 1.25 गुणा है। राज्य राजमार्ग एक्सप्रेसवे के लिए भी दरें भारत सरकार की अधिसूचना के अनुरूप करने के लिए नियमों में संशोधन की स्वीकृति दी गई।



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