1. सभी आय वर्ग के लोगों के लिए खुद टैक्स फाइल करने और एक्सपर्ट की मदद से टैक्स फाइल करने के कई विकल्प उपलब्ध हैं।
2. यूजर्स को अपनी टैक्स फाइलिंग फीस का 25% तक जियोप्वॉइंट्स के रूप में मिलेगा, जिसे वे ब्रैंड वाउचर और खास ऑफर्स के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
मुंबई, 10 जुलाई 2026: टैक्स फाइलिंग सीजन के दौरान जियोफाइनेंस ने अपनी बेहद पॉपुलर टैक्स प्लानिंग और टैक्स फाइलिंग सुविधा फिर से शुरू की है। इसके साथ यूजर्स को जियोप्वॉइंट्स का भी लाभ मिलेगा।
सिर्फ 24 रुपये से शुरू होने वाले सेल्फ-सर्विस विकल्प के साथ यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह डिजिटल और आसान सुविधा देता है। इसके जरिए देशभर के लाखों लोग बिना किसी कागजी कार्रवाई के आसानी से अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं और पूरे वित्त वर्ष की टैक्स प्लानिंग भी कर सकते हैं।
इस साल जियोफाइनेंस ने अपनी टैक्स फाइलिंग सर्विस को और बेहतर बनाया है। अब टैक्स फाइल करने वाले यूजर्स को कुल फाइलिंग फीस का 25% तक जियोप्वॉइंट्स का लाभ मिलेगा। इससे हर साल की टैक्स फाइल करने की प्रक्रिया न सिर्फ किफायती होगी, बल्कि फायदेमंद भी बनेगी ।
यूजर्स इन जियोप्वॉइंट्स का इस्तेमाल सीधे ऐप के जरिए लोकप्रिय ब्रैंड के वाउचर, खास शॉपिंग ऑफर्स और पार्टनर डील्स का फायदा उठाने के लिए कर सकते हैं
यह सुविधा टैक्सबडी (एसएसबीए इनोवेशंस) के साथ साझेदारी में दी जा रही है, जो सरकार द्वारा पंजीकृत ई-रिटर्न इंटरमीडियरी है। इस मॉड्यूल में स्टेप-बाय-स्टेप गाइड, टैक्स नियमों का पालन सुनिश्चित करने वाले टूल, मजबूत टैक्स प्लानर और एक्सपर्ट की सलाह जैसी सुविधाएं मिलती हैं
आसान और यूजर फ्रेंडली इंटरफेस की मदद से लोग सेक्शन 80C और 80D जैसी टैक्स छूट का पूरा लाभ ले सकते हैं, पुरानी और नए टैक्स सिस्टम की तुलना कर सकते हैं और अपने टैक्स रिटर्न या रिफंड का स्टेटस भी सीधे ऐप पर देख सकते हैं।
भरोसे और डेटा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए इस टैक्स मॉड्यूल में यूजर्स का पूरा डेटा सिर्फ टैक्सबडी के सुरक्षित और इंडस्ट्री-स्टैंडर्ड एन्क्रिप्टेड सिस्टम में ही प्रोसेस किया जाता है। इस डेटा का इस्तेमाल केवल इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए किया जाता है ।
जियोफाइनेंस किसी भी फेज में यूजर्स के इस डेटा को न तो देखता है और न ही किसी अन्य उद्देश्य के लिए इसका इस्तेमाल करता है। इस सुविधा के जरिए यूजर्स पूरी तरह निश्चिंत होकर अपनी टैक्स संबंधी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं, क्योंकि उनके डेटा की सुरक्षा के लिए आधुनिक सुरक्षा तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है ।
जियोफाइनेंस प्लेटफॉर्म एंड सर्विस लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सुरभि एस शर्मा ने कहा कि, “जियोफाइनेंस का उद्देश्य हमेशा से लोगों के लिए जटिल से जटिल वित्तीय कामों को आसान बनाना और उन्हें अपने फाइनेंस पर पूरा कंट्रोल देना रहा है। हमारे आसान और किफायती टैक्स फाइलिंग मॉड्यूल के जरिए हम आईटीआर फाइल करने की पारंपरिक परेशानियों और ज्यादा खर्च को कम कर रहे हैं। जियोप्वॉइंट्स रिवॉर्ड्स और मजबूत प्राइवेसी व डेटा सुरक्षा व्यवस्था के साथ हम यूजर्स को ऐसी सुविधा दे रहे हैं, जो न सिर्फ तेज और आसान है, बल्कि पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद भी है।”
टैक्सबडी के को-फाउंडर और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर श्रीनिवास रेड्डी ने टैक्स मॉड्यूल पर कहा कि, “जियोफाइनेंस के साथ यह साझेदारी आम भारतीयों को आसानी, सुरक्षित तरीके और पूरे भरोसे के साथ अपना टैक्स फाइल करने में मदद करेगी। यह सुविधा टैक्सबडी के सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ई-रिटर्न इंटरमीडियरी फ्रेमवर्क पर आधारित है।”
जियोफाइनेंस ऐप में अलग-अलग आय वर्ग और टैक्स फाइलिंग की जरूरतों के हिसाब से कई विकल्प दिए गए हैं, ताकि यूजर्स को सिर्फ उसी सर्विस के लिए पेमेंट करना पड़े, जिसकी उन्हें वास्तव में जरूरत है।
डू-इट-योरसेल्फ यानी खुद टैक्स फाइल करने वाले प्लान में यूजर्स इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पोर्टल से टैक्स से जुड़ा डेटा आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ नोटिस मैनेजमेंट की सुविधा भी विकल्प के रूप में उपलब्ध है।
वहीं, एक्सपर्ट की मदद से टैक्स फाइल करने वाले सभी प्लान में नोटिस मैनेजमेंट की सुविधा फ्री मिलती है। इसमें एक अनुभवी टैक्स एक्सपर्ट आपकी ओर से टैक्स का पूरा कैलकुलेशन और आईटीआर फाइलिंग करता है।
अगर जियोफाइनेंस प्लेटफॉर्म के जरिए फाइल किए गए आईटीआर पर बाद में इनकम टैक्स विभाग का कोई नोटिस आता है, तो टैक्सबडी की टीम बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उसका जवाब देने और पूरी प्रक्रिया में मदद करेगी।

