जयपुर,
राजस्थान के खनन और पेट्रोलियम क्षेत्रों में निवेश की मजबूत गति देखी जा रही है, जहां कुल परियोजनाओं का मूल्य लगभग रुपये 33000 करोड़ है और इनमें से रुपये 15000 करोड़ का निवेश जमीनी स्तर पर वास्तविक रूप ले चुका है। राज्य की अतिरिक्त मुख्य सचिव (खान और पेट्रोलियम) अपर्णा अरोड़ा ने बताया कि यह निवेश गति राज्य की औद्योगिक क्षमता को लगातार मजबूत कर रही है। इस समय कई बड़ी परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं जिनका सीधा असर रोजगार और आर्थिक विकास पर पड़ेगा।
अल्ट्राटेक सीमेंट की रुपये 2230 करोड़ की सीमेंट इकाई पहले ही चालू हो चुकी है और उत्पादन शुरू कर चुकी है। इसी तरह हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की रुपये 1000 करोड़ की क्षमता विस्तार परियोजना खेतड़ी में लगभग पूर्ण होने के चरण में है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की रुपये 3600 करोड़ की मुंद्रा कच्चा तेल पाइपलाइन परियोजना भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। राज्य में कई अन्य खनन परियोजनाएं भी हैं जिनमें रुपये 100 करोड़ से अधिक का निवेश शामिल है और ये या तो चालू हैं या तेजी से निर्माणाधीन हैं। इन परियोजनाओं में कुल मिलाकर रुपये 6500 करोड़ की परियोजनाएं अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
अरोड़ा ने बताया कि राइजिंग राजस्थान के तहत किए गए समझौता ज्ञापनों के अंतर्गत कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस अन्वेषण, डीपीएनजी-सीएनजी ढांचा विकास, सीमेंट निर्माण, तांबा उत्पादन और प्रमुख व लघु खनिजों के खनन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का फोकस निवेशकों के साथ समन्वय बनाए रखने और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर है। उन्होंने यह भी कहा कि इन निवेशों के पूरा होने से न केवल राज्य का औद्योगिक आधार मजबूत होगा बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन भी होगा और राज्य की राजस्व आय में वृद्धि होगी। बैठक में परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत की गई जिसमें अधिकारियों ने विभिन्न चरणों की स्थिति साझा की।

