Sunday, June 28, 2026 |
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भारत को पर्यटन प्रचार से आगे बढ़कर गंतव्य प्रतिस्पर्धा पर ध्यान देना चाहिए: अधिकारी

by Business Remedies
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Tourism officials address the Global Travel Market 2026 event in Thiruvananthapuram

तिरुवनंतपुरम में आयोजित ग्लोबल ट्रैवल मार्केट 2026 के अवसर पर केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक सुमन बिल्ला ने कहा कि भारत को अब केवल पर्यटन प्रचार आधारित रणनीति से आगे बढ़कर ऐसे वैश्विक स्तर के गंतव्य विकसित करने चाहिए जो प्रतिस्पर्धी हों और जहाँ पर्यटकों को वास्तविक और अर्थपूर्ण अनुभव मिल सके। उनका कहना था कि देश की तेज आर्थिक वृद्धि, बढ़ती आय और बड़े पैमाने पर हो रहे बुनियादी ढांचे के विस्तार ने पर्यटन के लिए अनुकूल माहौल बनाया है, लेकिन यह क्षेत्र अभी भी अपनी वास्तविक क्षमता से कम प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और बढ़ती आय के साथ लोगों की आकांक्षाएँ भी बढ़ी हैं, जिनमें सबसे प्रमुख यात्रा और नए अनुभवों की इच्छा है। सोशल मीडिया ने इस मांग को और तेज कर दिया है।

उन्होंने बताया कि पिछले दशक में भारत में हवाई अड्डों की संख्या बढ़कर लगभग 150 से अधिक हो गई है, जिससे विमानन क्षेत्र का विस्तार भी तेज हुआ है। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे ने घरेलू यात्रा को पहले से अधिक आसान बना दिया है। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटन वृद्धि देश की आर्थिक प्रगति के अनुपात में नहीं बढ़ी है। पिछले दशक में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या लगभग 20 मिलियन तक दोगुनी हुई है, लेकिन भारतीयों की विदेश यात्रा बहुत तेज गति से बढ़ी है, जिससे पर्यटन क्षेत्र में भारत विदेशी मुद्रा का शुद्ध खर्च करने वाला देश बन गया है। घरेलू पर्यटन को उन्होंने भारत की सबसे बड़ी सफलता बताया और कहा कि सालाना घरेलू यात्राएँ लगभग 4 अरब तक पहुँच चुकी हैं, जो वैश्विक स्तर पर सबसे तेज वृद्धि में से एक है।

Stock Market में Nifty और Sensex के रुझानों का असर भी विभिन्न क्षेत्रों की निवेश धारणा पर देखा जा रहा है, जिससे पर्यटन जैसे सेवा क्षेत्रों में दीर्घकालिक विकास की संभावनाएँ और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन केवल होटल और परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों, कारीगरों, स्थानीय उद्यमियों और छोटे व्यवसायों को भी रोजगार देता है।

बिल्ला ने सुझाव दिया कि भारत और केरल को केवल कमरे बेचने के बजाय अनुभव आधारित पर्यटन विकसित करना चाहिए, जहाँ पर्यटक यहाँ की संस्कृति, मूल्य और मानवीयता को साथ लेकर जाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि केरल की प्रतिस्पर्धा अब अन्य भारतीय राज्यों से नहीं बल्कि थाईलैंड, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से है। उन्होंने हवाई संपर्क, परिवहन व्यवस्था, स्वच्छता, पानी की उपलब्धता, ट्रैफिक प्रबंधन और समग्र गंतव्य अनुभव को बेहतर बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने सुझाव दिया कि अगले 5 वर्षों में केरल में कम से कम 10 विश्व स्तरीय पर्यटन गंतव्य विकसित किए जाएँ और नए पर्यटन उत्पाद तैयार किए जाएँ। इस कार्यक्रम में भारत और विदेश के 1000 से अधिक पर्यटन ऑपरेटर शामिल हुए, जिनमें 300 कॉरपोरेट खरीदार भी थे। यहाँ 200 से अधिक स्टॉल लगाए गए, जहाँ होटल, रिसॉर्ट, एयरलाइंस, ट्रैवल कंपनियाँ और पर्यटन बोर्ड शामिल हुए। आयुर्वेद, योग, वेलनेस, वेडिंग टूरिज्म, कॉरपोरेट ट्रैवल और होमस्टे जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया। केरल सरकार ने कहा कि आने वाले समय में पर्यटन क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए नए वैश्विक साझेदारी मॉडल विकसित किए जाएँगे।



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