Thursday, July 23, 2026 |
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RBI रेपो रेट निर्णय आज: ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद नहीं, वैश्विक अनिश्चितताओं पर नजर

by Business Remedies
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आरबीआई मौद्रिक नीति बैठक गवर्नर संजय मल्होत्रा रेपो रेट निर्णय आर्थिक विश्लेषण

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) आज अपनी मौद्रिक नीति का निर्णय घोषित करने वाला है। यह निर्णय तीन दिन चली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद आएगा, जिसकी अध्यक्षता गवर्नर संजय मल्होत्रा ने की। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, क्योंकि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें आर्थिक दृष्टिकोण पर दबाव डाल रही हैं। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है, जिससे भारत की महंगाई और विकास दर पर असर पड़ सकता है। ऐसे माहौल में केंद्रीय बैंक के रुख को लेकर बाजार सतर्क है।

अधिकतर अर्थशास्त्री मान रहे हैं कि ब्याज दरों में यथास्थिति बनी रहेगी, लेकिन भविष्य की नीतिगत दिशा में सावधानी भरा रुख जारी रह सकता है। वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बना हुआ है। एचएसबीसी की भारत प्रमुख अर्थशास्त्री प्रणजुल भंडारी के अनुसार, आरबीआई इस बार दरों को स्थिर रख सकता है, लेकिन समय के साथ सख्ती का रुझान दिख सकता है। उन्होंने कहा कि बाजार फिलहाल यह अनुमान लगा रहा है कि 2026 की चौथी तिमाही से लगभग दो बार दरों में कटौती संभव हो सकती है।

उन्होंने यह भी बताया कि आरबीआई की नई आर्थिक और तेल मूल्य धारणाएं महत्वपूर्ण होंगी, खासकर यह कि क्या कच्चे तेल का अनुमान पहले के लगभग $ 85 प्रति बैरल से बढ़ाकर अधिक किया जाता है या नहीं। केयरएज रेटिंग्स के विश्लेषण के अनुसार वित्त वर्ष 27 में सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर लगभग 6.7 प्रतिशत रह सकती है, यदि कच्चा तेल औसतन $ 90 प्रति बैरल के आसपास रहता है।

एसबीआई रिसर्च ने भी माना है कि आरबीआई इस बार कोई बदलाव नहीं करेगा और डेटा पर आधारित नीति अपनाएगा। इसके अनुसार वित्त वर्ष 26 में विकास दर लगभग 7.5 प्रतिशत और वित्त वर्ष 27 में 6.6 प्रतिशत रह सकती है, जबकि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई कई तिमाहियों तक 5 प्रतिशत से ऊपर रह सकती है। एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज का भी मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में हालिया नरमी और बाहरी क्षेत्र में सुधार के कारण नीति दरों में कोई बदलाव नहीं होगा।

पिछली बैठक में अप्रैल में मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा था और नीति रुख को तटस्थ बनाए रखा था। Stock Market में Nifty और Sensex पर भी निवेशकों की नजर बनी रहेगी क्योंकि आरबीआई के फैसले का सीधा असर बाजार की दिशा पर पड़ सकता है।



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