स्पीड और पावर पेट्रोल के दाम ₹2.35 तक बढ़े, क्रूड ऑयल 109.9 डॉलर प्रति बैरल पर
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत में पेट्रोलियम उत्पादों पर साफ दिखाई देने लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने स्पीड और पावर जैसे प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में ₹2.09 से ₹2.35 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी है। नई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं और यह बढ़ोतरी अलग-अलग शहरों में भिन्न हो सकती है।
इस बढ़ोतरी के बाद XP95 और पावर पेट्रोल जैसे ब्रांडेड फ्यूल की कीमत लगभग ₹111.68 से बढ़कर ₹113.77 प्रति लीटर तक पहुंच गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
प्रीमियम पेट्रोल क्यों होता है महंगा?
प्रीमियम पेट्रोल की कीमत ज्यादा होने के पीछे उसका हाई ऑक्टेन नंबर (91 या उससे अधिक) प्रमुख कारण है। इसमें विशेष एडिटिव्स मिलाए जाते हैं, जो:
- हाई कम्प्रेशन इंजन को स्मूथ चलाने में मदद करते हैं
- इंजन में कार्बन जमाव कम करते हैं
- बेहतर परफॉर्मेंस और कम आवाज सुनिश्चित करते हैं
इस कारण यह ईंधन खासतौर पर हाई-परफॉर्मेंस और लग्जरी वाहनों के लिए उपयुक्त माना जाता है।
कच्चे तेल में उछाल
वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी आई है।
- गुरुवार को कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची
- फिलहाल ब्रेंट क्रूड 109.9 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है
यह उछाल ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों के कारण आया है।
ऊर्जा सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
इजरायल द्वारा ईरान के South Pars गैस फील्ड पर हमले और इसके जवाब में ईरान द्वारा कतर के Ras Laffan इंडस्ट्रियल सिटी को निशाना बनाने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा बढ़ गया है।
भारत जैसे देश, जो अपनी करीब 90% कच्चे तेल की जरूरत आयात से पूरी करते हैं, ऐसे घटनाक्रमों से सीधे प्रभावित होते हैं।
इंडस्ट्रियल डीजल में बड़ा उछाल
इस बीच Indian Oil Corporation (IOC) ने इंडस्ट्रियल डीजल के दाम में ₹22 प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की है।
- पहले कीमत: ₹87.67 प्रति लीटर
- नई कीमत: ₹109.59 प्रति लीटर
इस बढ़ोतरी का असर:
- औद्योगिक सेक्टर
- लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट कॉस्ट
- महंगाई दर
पर पड़ सकता है।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव जारी रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में और उछाल आ सकता है, जिससे भारत में ईंधन की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बनेगा।

