वनों के महत्व, उनके सतत प्रबंधन और संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए आज अंतरराष्ट्रीय वन दिवस मनाया जाएगा। वन पारिस्थितिक संतुलन, जैव विविधता, स्वच्छ हवा और आजीविका के लिए आवश्यक है, जो जलवायु परिवर्तन से लडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर हम पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। वन पृथ्वी के फेफड़े माने जाते हैं। पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड को कम करके हवा को शुद्ध करते हैं और जलवायु को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। करीब 1.6 अरब लोग अपनी आजीविका के लिए वनों पर निर्भर हैं। वन दुनिया की अधिकांश स्थलीय जैव विविधता का घर हैं। वन समुदायों को स्वच्छ पानी, भोजन और दवाइयां प्रदान करते हैं। वे पृथ्वी पर जीवन को बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं और जलवायु परिवर्तन से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि वनों की कटाई और क्षरण का खतरा दुनिया भर में वनों के अस्तित्व को खतरे में डाल रहा है। आज के दिन इसके महत्व पर विचार करने और उनके संरक्षण और देखभाल के लिए प्रतिबद्ध है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 28 नवंबर, 2012 को प्रति वर्ष 21 मार्च को अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। इस वर्ष यह दिवस वन और अर्थव्यवस्था विषय के अंतर्गत मनाया जाएगा, जो स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने में वनों की महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देता है। यह भूमिका लकड़ी उत्पादन और कच्चे माल के व्यापार से कहीं अधिक व्यापक है, क्योंकि वन पारिवारिक खेती को सहारा देते हैं। कृषि उत्पादकता में सुधार करते हैं और जलसंभरों की रक्षा करते हुए स्वच्छ जल और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र सुनिश्चित करते हैं ।

