भोपाल,
मध्य प्रदेश में पर्यटन और धार्मिक यात्रा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव आज ‘पीएम श्री हेलि पर्यटन सेवा’ के तहत भोपाल-चंदेरी-ओरछा सेक्टर का शुभारंभ करेंगे। इस नई सुविधा से राज्य के प्रमुख ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों तक पहुंच अब पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगी। मुख्यमंत्री इस अवसर पर हेलीकॉप्टर को हरी झंडी दिखाएंगे और पहली खेप के यात्रियों को स्वयं बोर्डिंग पास वितरित करेंगे। यह नया मार्ग सेवा के दूसरे सेक्टर के रूप में संचालित होगा, जिसका उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुगम और तेज यात्रा सुविधा प्रदान करना है।
यह सेवा राज्य की राजधानी भोपाल को सीधे ओरछा और चंदेरी से जोड़ेगी। ओरछा भगवान श्रीराम की नगरी के रूप में प्रसिद्ध है, जहां स्थित श्री राम राजा मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वहीं चंदेरी अपने ऐतिहासिक महत्व, भव्य स्मारकों और प्रसिद्ध चंदेरी साड़ियों व हस्तशिल्प के लिए जाना जाता है। चंदेरी न केवल एक ऐतिहासिक नगर है बल्कि अपनी रेशमी साड़ियों के लिए भी देशभर में प्रसिद्ध है। इस नई सेवा के माध्यम से श्रद्धालु अब आरामदायक तरीके से राम मंदिर में दर्शन कर सकेंगे, जबकि पर्यटक कुछ ही घंटों में चंदेरी की सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव कर पाएंगे, जो पहले लंबी सड़क यात्रा के कारण कठिन था।
हेलीकॉप्टर सेवा सप्ताह में पांच दिन—बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को संचालित होगी। एक तरफ का किराया भोपाल से चंदेरी के लिए 5,500 रुपये और भोपाल से ओरछा के लिए 6,500 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके अलावा 14,500 रुपये का एक समग्र पैकेज भी उपलब्ध कराया गया है, जिसमें टैक्सी सेवा, वीआईपी दर्शन और प्रसाद जैसी सुविधाएं शामिल हैं। पर्यटकों के लिए ‘जॉय राइड’ की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिसकी कीमत 3,500 रुपये रखी गई है। इसके तहत पर्यटक इन सुंदर स्थलों का हवाई दृश्य का आनंद ले सकेंगे। सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
यह सेवा सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत संचालित की जा रही है, जिसमें आधुनिक छह सीटों वाला हेलीकॉप्टर उपयोग में लाया जा रहा है। गंतव्य स्थलों पर ठहरने, भोजन और स्थानीय मार्गदर्शक जैसी सुविधाएं पहले से सुनिश्चित की गई हैं। इस योजना की शुरुआत मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1 नवंबर 2025 को मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर की थी। इसके बाद से यह सेवा इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर जैसे धार्मिक स्थलों के साथ-साथ जबलपुर, कान्हा, बांधवगढ़, चित्रकूट और मैहर जैसे वन्यजीव और पर्यटन स्थलों को जोड़ चुकी है।
अब तक 2,648 से अधिक पर्यटक और श्रद्धालु इस सेवा का लाभ उठा चुके हैं, जो राज्य के भीतर हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकारी अधिकारियों का मानना है कि इस नए सेक्टर के शुरू होने से मध्य प्रदेश की पहचान एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में और मजबूत होगी। इससे यात्रा समय में कमी आएगी, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक व प्राकृतिक धरोहर को नई पहचान मिलेगी।

