भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित Free Trade Agreement (FTA) को जल्द लागू करने की दिशा में प्रयास तेज़ हो गए हैं। इसी क्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सोमवार को उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ स्पेन, बेल्जियम और फ़िनलैंड की पाँच दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए। यह दौरा 13 July से 17 July तक चलेगा और इसका उद्देश्य यूरोप के साथ व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, नवाचार तथा सतत विकास के क्षेत्रों में भारत की साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाना है। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा के दौरान उन्नत विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास, डिजिटल एवं अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, रत्न एवं आभूषण तथा खाद्य एवं उपभोक्ता उद्योग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। भारत का लक्ष्य यूरोप के साथ दीर्घकालिक और संतुलित आर्थिक संबंधों को नई गति देना है, जिससे दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक अवसरों का विस्तार हो सके।
सरकार का मानना है कि यह दौरा भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित Free Trade Agreement (FTA) को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह समझौता दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार को सरल बनाने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक मजबूत करने, सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने तथा नियम-आधारित वैश्विक व्यापार व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में सहायक होगा। आधिकारिक बयान के अनुसार, यह यात्रा भारत और यूरोप के बीच व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ उभरती प्रौद्योगिकियों, स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा देगी। साथ ही दोनों पक्षों के उद्योगों और नवाचार तंत्र के बीच साझेदारी मजबूत होगी तथा भारत की पहचान नवाचार, विनिर्माण और सतत विकास के विश्वसनीय वैश्विक साझेदार के रूप में और सुदृढ़ होगी।
स्पेन में पीयूष गोयल वहां के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं अर्थव्यवस्था, व्यापार और व्यवसाय मंत्री कार्लोस कुएर्पो काबालेरो, उद्योग एवं पर्यटन मंत्री जोर्डी हेरेउ बोहेर तथा विदेश, यूरोपीय संघ एवं सहयोग मंत्री होसे मैनुएल अल्बारेस बुएनो के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग, निवेश और औद्योगिक साझेदारी को विस्तार देने पर चर्चा होगी। इसके अलावा पीयूष गोयल भारत-स्पेन व्यापार गोलमेज बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें स्पेन की प्रमुख कंपनियों और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस दौरान भारत में उपलब्ध निवेश अवसरों को प्रस्तुत किया जाएगा तथा दोनों देशों के उद्योगों के बीच प्रत्यक्ष व्यापारिक साझेदारी को प्रोत्साहित करने पर जोर रहेगा। मंत्री स्पेन के वाणिज्य मंडल, सीईओई तथा आईसीईएक्स स्पेन व्यापार एवं निवेश के साथ आयोजित व्यापारिक बैठक में भी भाग लेंगे।
बेल्जियम दौरे के दौरान पीयूष गोयल एंटवर्प बंदरगाह और एंटवर्प विश्व हीरा केंद्र का दौरा करेंगे। इसके साथ ही वह थेल्स समूह के एलेन क्यूवेरिन तथा साइलॉक्स समूह के जीन-क्रिस्टोफ़ बोगार्ट के साथ मुख्य कार्यकारी स्तर की बैठक करेंगे। इन बैठकों में रक्षा, प्रौद्योगिकी, औद्योगिक सहयोग और निवेश के नए अवसरों पर चर्चा होने की संभावना है। ब्रुसेल्स में पीयूष गोयल भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद की तीसरी मंत्रिस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे। यह परिषद व्यापार, विश्वसनीय प्रौद्योगिकी और आर्थिक सुरक्षा के क्षेत्र में भारत और यूरोपीय संघ के बीच सर्वोच्च संस्थागत सहयोग तंत्र मानी जाती है। इस बैठक में भविष्य के रणनीतिक सहयोग और नई व्यापारिक संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
फ़िनलैंड में केंद्रीय मंत्री आर्थिक मामलों के मंत्री डॉक्टर सकारी पुइस्तो के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इसके अतिरिक्त वह भारत-फ़िनलैंड व्यापार गोलमेज बैठक में फ़िनलैंड की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा करेंगे। इस दौरान निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग, नवाचार तथा औद्योगिक विकास के नए अवसरों को लेकर व्यापक विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। भारत सरकार का मानना है कि यह तीन देशों का दौरा यूरोप के साथ आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देगा। साथ ही भारत में निवेश आकर्षित करने, नई प्रौद्योगिकियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने और वैश्विक व्यापार में भारत की रणनीतिक भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में यह यात्रा महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

