Monday, June 29, 2026 |
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Air India की वैश्विक उड़ानों में कटौती पर केंद्र घिरा, कांग्रेस ने कहा- गंभीर कुप्रबंधन

by Business Remedies
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Air India aircraft amid international flight cuts due to rising jet fuel prices Category: Business News

नई दिल्ली,

कांग्रेस पार्टी ने रविवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला, जब ऐसी खबरें सामने आईं कि एयर इंडिया जुलाई तक अपनी वैश्विक उड़ान सेवाओं में कटौती कर सकती है। पार्टी ने इसे देश के आर्थिक प्रबंधन की गंभीर विफलता बताते हुए “Gross Mismanagement” करार दिया और कहा कि सरकार देश के दीर्घकालिक हितों की अनदेखी कर रही है कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत की दूसरी सबसे बड़ी विमानन कंपनी का कई महीनों तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कमी करना बेहद चिंताजनक संकेत है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान देश की आर्थिक मजबूती पर नहीं, बल्कि केवल चुनावी लाभ पर केंद्रित है।

कांग्रेस ने कहा कि जिस प्रकार देश का संचालन किया जा रहा है, वह बेहद चिंताजनक है। भारत की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन को अंतरराष्ट्रीय उड़ानें घटानी पड़ रही हैं, जबकि सरकार मौन बनी हुई है। पार्टी ने कहा कि इससे भारत की वैश्विक छवि, व्यापारिक संपर्क और भविष्य की संभावनाओं को नुकसान पहुंच सकता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब एयर इंडिया ने आंतरिक स्तर पर संकेत दिया कि अप्रैल और मई में कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में पहले ही कटौती की जा चुकी है, जबकि जून और जुलाई में भी अतिरिक्त कटौती संभव है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैंपबेल विल्सन ने कहा कि जेट ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी, कई देशों के वायुक्षेत्र प्रतिबंध, तथा लंबी उड़ान दूरी जैसी चुनौतियों के कारण कई अंतरराष्ट्रीय मार्ग आर्थिक रूप से लाभकारी नहीं रह गए हैं। उन्होंने स्थिति को “Extremely Challenging” बताया और कहा कि बढ़ती लागत के कारण कंपनी को आगामी महीनों में समय-सारणी और सेवाओं में और कमी करनी पड़ सकती है। कंपनी की आय पर दबाव बढ़ रहा है और संचालन खर्च तेजी से ऊपर जा रहे हैं।

घरेलू उड़ानों पर भी असर पड़ा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मार्गों की तुलना में स्थिति कुछ बेहतर बताई गई है। कारण यह है कि सरकार ने घरेलू ईंधन कीमतों में वृद्धि को 25प्रतिशत तक सीमित रखने के कदम उठाए हैं, जिससे कुछ राहत मिली है। बढ़ते खर्च को संभालने के लिए एयर इंडिया पहले ही टिकट दरों में बढ़ोतरी कर चुकी है और ईंधन अधिभार भी जोड़ा गया है। हालांकि कंपनी प्रबंधन का मानना है कि किरायों में बहुत अधिक वृद्धि करने पर यात्रियों की मांग घट सकती है और बुकिंग कम हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति लंबी चली तो भारत के विमानन क्षेत्र, पर्यटन उद्योग, विदेशी व्यापार यात्राओं और निवेश माहौल पर असर पड़ सकता है। साथ ही अन्य विमानन कंपनियों पर भी दबाव बढ़ सकता है।



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