नई दिल्ली | बिजनेस रेमेडीज | आईडीबीआई बैंक का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ पांच प्रतिशत गिरकर 1,943 करोड़ रुपये रह गया जबकि एक साल पहले इसी अवधि में बैंक का शुद्ध लाभ 2,051 करोड़ रुपये था। एलआईसी के नियंत्रण वाले बैंक ने कहा कि जनवरी-मार्च तिमाही में उसका परिचालन लाभ घटकर 3,043 करोड़ रुपये रह जाने से मुनाफे पर असर पड़ा है। पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 3,195 करोड़ रुपये था। हालांकि, समीक्षाधीन तिमाही में बैंक की कुल आय बढक़र 9,409 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 9,035 करोड़ रुपये थी। इसकी ब्याज आय भी बढक़र 7,798 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष 6,979 करोड़ रुपये थी। शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) बढक़र 3,851 करोड़ रुपये हो गई, जो साल भर पहले 3,290 करोड़ रुपये थी। बैंक की संपत्ति गुणवत्ता में सुधार जारी रहा और सकल एनपीए घटकर 2.32 प्रतिशत रह गया, जो मार्च 2025 के अंत में 2.98 प्रतिशत था। शुद्ध एनपीए 0.15 प्रतिशत पर स्थिर रहा। प्रावधान कवरेज अनुपात 31 मार्च 2026 तक 99.39 प्रतिशत रहा और यह सितंबर 2023 से लगातार 99 प्रतिशत से ऊपर बना हुआ है। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में बैंक का शुद्ध लाभ 27 प्रतिशत बढक़र 9,513 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष में 7,515 करोड़ रुपये था। इस दौरान कुल आय बढक़र 35,744 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 में 33,826 करोड़ रुपये थी। बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात 31 मार्च 2026 तक बढक़र 26.65 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले 25.05 प्रतिशत था।

