उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने व्यावसायिक संचालन शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद बुधवार को अपने कार्गो संचालन की भी औपचारिक शुरुआत कर दी। इस ऐतिहासिक अवसर पर चेन्नई से पहली मालवाहक उड़ान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची। इसके साथ ही यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के प्रमुख विमानन और कार्गो केंद्र के रूप में तेजी से उभरता दिखाई दे रहा है।
एयरपोर्ट पर विमान के पहुंचने पर वॉटर कैनन सलामी देकर उसका भव्य स्वागत किया गया। यह विमान अफकॉम होल्डिंग्स द्वारा संचालित बोइंग 737-800F मालवाहक विमान था, जो लगभग 20टन मिश्रित कार्गो लेकर जेवर पहुंचा। इस खेप में मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, ऑटो पुर्जे, खाद्य सामग्री और विभिन्न प्रकार की संयुक्त खेप शामिल थीं। कार्गो की लोडिंग और अनलोडिंग के साथ ही एयरपोर्ट पर आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों की औपचारिक शुरुआत हो गई है। यमुना एक्सप्रेसवे से उत्कृष्ट संपर्क सुविधा होने के कारण माल परिवहन अधिक तेज और प्रभावी होगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूती मिलेगी।
माल उतारने के बाद यह विमान वापस चेन्नई के लिए रवाना होगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि 87एकड़ क्षेत्र में विकसित अत्याधुनिक कार्गो टर्मिनल का संचालन एआईएसएटीएस द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत के आर्थिक और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उनके अनुसार, कार्गो हब की स्थापना से नोएडा की पहचान देश के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार के रूप में और मजबूत होगी, क्योंकि देश के लगभग 55प्रतिशत मोबाइल फोन का निर्माण इसी क्षेत्र में किया जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि यह सुविधा औषधि उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों, खाद्य सामग्री और कृषि उत्पादों के निर्यात को नई गति प्रदान करेगी। इससे क्षेत्रीय उद्योगों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने में सहायता मिलेगी। विशेष बात यह है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का पहला ऐसा एयरपोर्ट है जहां आयात और निर्यात सुविधाओं को एकीकृत किया गया है, जिससे निर्बाध संपर्क और तेज माल परिवहन सुनिश्चित होगा।
एयरपोर्ट को सड़क, रेल और हवाई नेटवर्क से जोड़ते हुए बहु-माध्यमीय कार्गो हब के रूप में विकसित किया गया है। भविष्य में यह देश का पहला ऐसा कार्गो केंद्र बनने जा रहा है जो सीधे रेलवे नेटवर्क से जुड़ा होगा। अधिकारियों के अनुसार, अगले 6महीनों के भीतर अंतरराष्ट्रीय कार्गो उड़ानों का संचालन भी शुरू होने की संभावना है। एयरपोर्ट के आसपास इलेक्ट्रॉनिक सिटी, एमएसएमई पार्क, हस्तशिल्प पार्क, टॉय पार्क, परिधान क्लस्टर, चिकित्सा पार्क और सेमीकंडक्टर पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जो एयरपोर्ट से मात्र 10मिनट की दूरी पर स्थित होंगे।
परियोजना के पहले चरण में एक रनवे परिचालन में आ चुका है, जबकि दूसरे रनवे का निर्माण कार्य जारी है। आने वाले वर्षों में कुल 5रनवे विकसित किए जाएंगे, जिससे एयरपोर्ट की वार्षिक क्षमता बढ़कर 225मिलियन यात्रियों तक पहुंच जाएगी। शुरुआती चरण में इसकी क्षमता 70मिलियन यात्रियों की होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को 1ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा। कार्गो और लॉजिस्टिक्स अवसंरचना के विस्तार से रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

