नवरात्रि का पर्व सिर्फ आस्था और पूजा-पाठ का समय नहीं, बल्कि Indian auto sector के लिए भी एक बड़ा अवसर है। इस साल ऑटोमोबाइल कंपनियाँ cars, two-wheelers और electric vehicles की बढ़ती डिमांड से उत्साहित हैं, और उपभोक्ता नए वाहन की खरीद को शुभ मानकर शोरूम की ओर रुख कर रहे हैं।
Festival Season – Peak Sales
भारत में नवरात्रि से दिवाली तक का समय वाहन बिक्री का peak season माना जाता है। लोग इस शुभ अवसर पर वाहन खरीदना good luck और prosperity का प्रतीक मानते हैं। कंपनियाँ इस दौरान special offers, discounts और easy finance schemes लॉन्च करती हैं।
कार और टू-व्हीलर की डिमांड
सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के अनुसार, नवरात्रि और दिवाली के बीच कार और टू-व्हीलर की बिक्री औसतन 20-25% बढ़ जाती है। इस साल नई SUVs और electric two-wheelers की लॉन्चिंग ने ग्राहकों को आकर्षित किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बाइक और स्कूटर की खपत बढ़ रही है।
इलेक्ट्रिक वाहनों की एंट्री
बढ़ते fuel prices और पर्यावरण के प्रति जागरूकता ने electric vehicles (EVs) को त्योहारी बाजार में प्रमुख बना दिया है। कई ग्राहक नवरात्रि के दौरान e-scooter और e-car खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं।
फाइनेंस कंपनियों की रणनीति
बैंकों और NBFCs ने इस मौके पर low-interest loans और आसान EMI options पेश किए हैं, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए वाहन खरीदना आसान हो गया है।
अर्थव्यवस्था को सहारा
त्योहारी सीजन में बढ़ी हुई बिक्री से न केवल कंपनियों के राजस्व में इज़ाफा होता है, बल्कि employment और supporting industries जैसे tyres, auto parts और service sector को भी गति मिलती है।
नवरात्रि 2025 ने ऑटो सेक्टर को नई ऊर्जा और रफ्तार दी है, SUVs, Two-wheelers और EVs की बढ़ती स्वीकृति के साथ।

