Tuesday, May 19, 2026 |
Home Metro City Specialनशा मुक्त जयपुर अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हर संभव प्रयास हो सुनिश्चित: कलैक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी

नशा मुक्त जयपुर अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हर संभव प्रयास हो सुनिश्चित: कलैक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी

by Business Remedies
0 comments

बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। जिला कलैक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने नशा मुक्त जयपुर अभियान को सफल बनाने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिये हैं। साथ ही, उन्होंने मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन, भंडारण एवं परिवहन पर सख्त कार्रवाई तथा युवाओं को नशे की लत से दूर करने और दूर रखने के लिए प्रभावी कार्ययोजना का धरातल पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किये हैं।
डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित नार्को कॉर्डिनेशन सेंटर की जिला स्तरीय समिति की बैठक को संबोधित करते हुए अधिकारियों को सार्वजनिक स्थल पर धूम्रपान करने वालों के साथ-साथ विद्यालयों एवं कॉलेजों के पास स्थित दुकानों पर तम्बाकू उत्पाद बेचने वालों, दवा दुकानों की जांच करने एवं प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री, तय सीमा से अधिक दवा बिक्री, बिना लाइसेंस के दवा बिक्री सहित अन्य अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिये।
साथ ही उन्होंने युवाओं को नशे की जद में आने से बचाने के लिए सघन जागरुकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने नशा मुक्त जयपुर अभियान को जन-जन का अभियान बनाने के लिए अधिक से अधिक युवाओं को अभियान के तहत ई-शपथ लेने के लिए प्रेरित करने भी निर्देश दिये।
जिला पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आनन्द शर्मा ने बताया कि कोटपा अधिनियम, 2003 सिगरेट और तंबाकू से जुड़े उत्पादों पर नियंत्रण रखने के लिए बनाया गया है। इस अधिनियम के तहत, सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान करना, तंबाकू बेचना, और तंबाकू से जुड़े विज्ञापन करना मना है। कोटपा अधिनियम का उल्लंघन करने पर जुर्माना और जेल हो सकती है। उन्होंने बताया कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों को तंबाकू एवं इससे बने नशीले पदार्थ बेचना निषेध है। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को नशे के प्रवृति से दूर रखने के लिए विशेष जागरूकता अभियान ऑपरेशन नोक आउट भी चलाया जा रहा है।
बैठक में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगदीश व्यास ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 (एफ) के तहत नाकोटिक्स के मुकदमे के अपराधियों के विरुद्ध वित्तीय जांच करने का प्रावधान है। एक्ट के प्रावधानों के तहत इस मुकदमे के 6 साल पूर्व तक की अवधि में मादक पदार्थो के अवैध व्यापार से अर्जित संपत्तियों चाहे वह परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम पर हो अथवा बेनामी हो उसको सीज अथवा फ्रीज किया जा सकता है। एक्ट के तहत वाणिज्यिक मात्रा में बरामद मादक पदार्थों के तस्करों एवं ऐसी प्रवृत्तियों में अभ्यस्त तस्करों को एक साल तक जेल में निरुद्ध करने का भी प्रावधान है। उन्होंने बताया कि आमजन मानस पोर्टल अथवा हेल्पलाइन नंबर 1933 पर ऐसे अपराधियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
बैठक में जिला कलैक्टर ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को जिले में बिना लाइसेंस के संचालित अवैध नशामुक्ति केन्द्रों पर प्रभावी कार्रवाई के एवं नवजीवन योजना के चिन्हित व्यक्तियों परिवारों को योजना के लाभांवित करने के लिए निर्देशित दिये। बैठक में औषधि नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले एवं प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री करने वाले दवा विक्रेताओं के खिलाफ लाइसेंस निलंबन एवं निरस्त करने की कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलैक्टर (दक्षिण) संतोष कुमार मीणा सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, औषधि नियंत्रक विभाग, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, वन विभाग सहित अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।



You may also like

Leave a Comment