Sunday, July 5, 2026 |
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कांडला बंदरगाह पर आज पहुंचेगा भारतीय एलपीजी टैंकर ‘नंदा देवी’

ऊर्जा आपूर्ति को मिलेगी मजबूती

by Business Remedies
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Indian LPG tanker Nanda Devi approaches Kandla port

New Delhi,

कतर से तरलीकृत पेट्रोलियम गैस लेकर चला भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर ‘नंदा देवी’ आज गुजरात के कांडला बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है। यह जहाज होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरते हुए भारत की ओर आया है, जो वैश्विक स्तर पर एक संवेदनशील समुद्री मार्ग माना जाता है।

इससे एक दिन पहले ‘शिवालिक’ नामक एक अन्य एलपीजी टैंकर मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंच चुका है, जो लगभग 45 से 46 हजार टन गैस लेकर आया था। इन दोनों जहाजों के सुरक्षित आगमन से देश में ईंधन आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं में कमी आने की संभावना है। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने एक अंतर-मंत्रालयी बैठक में जानकारी दी कि ‘नंदा देवी’ टैंकर सफलतापूर्वक होर्मुज़ जलडमरूमध्य पार कर खुले समुद्र में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ दोनों मिलाकर करीब 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी भारत ला रहे हैं। ये दोनों जहाज सरकारी कंपनी शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के स्वामित्व में हैं।

भारतीय नाविक सुरक्षित, कोई अप्रिय घटना नहीं

सिन्हा ने यह भी स्पष्ट किया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में कार्यरत सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पश्चिम में स्थित फारस की खाड़ी क्षेत्र में इस समय 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद हैं, जिन पर कुल 611 भारतीय नाविक तैनात हैं। इसी बीच ‘जग लाडकी’ नामक एक अन्य जहाज संयुक्त अरब अमीरात से करीब 81,000 टन कच्चा तेल लेकर मुंद्रा बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है। इस जहाज पर सवार सभी भारतीय नाविक भी सुरक्षित हैं।

वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम मार्ग

होर्मुज़ जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक तेल और गैस का निर्यात होता है। क्षेत्र में जारी तनाव के बीच भारत सरकार और संबंधित एजेंसियां जहाजों की आवाजाही पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मंत्रालय ने पहले ही बताया था कि देश के प्रमुख बंदरगाह जहाजों की गतिविधियों और माल संचालन पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। साथ ही, शिपिंग कंपनियों और माल से जुड़े पक्षों को एंकरिंग, बर्थ किराया और भंडारण शुल्क में रियायत जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं, ताकि आपूर्ति श्रृंखला सुचारू बनी रहे।



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