बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय ने आज ‘AI करियर्स For Women’ के लॉन्च के लिए Microsoft के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, इस कौशल पहल का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में महिलाओं को आर्टीफिशियल इंटेलीजेन्स में करियर बनाने और डिजिटल इकोनोमी में भागीदारी के लिए सक्षम बनाना है। यह साझेदारी महिलाओं को उद्योग जगत के अनुकूल एआई-कौशल के साथ सशक्त बनाकर उभरते टेक सेक्टर में लिंग अंतराल को दूर करेगी। इससे महिलाएं डिजिटल इकोनोमी में शामिल होकर देश के विकास में सक्रिय योगदान दे सकेंगी।
इस साझेदारी के तहत Microsoft ‘एआई स्किलिंग एण्ड इनोवेशन फ्रेमवर्क फॉर वीमेन’ के तहत 240 घण्टे का प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध कराएगा, उद्योग जगत के मानकों के अनुरूप इस पाठ्यक्रम को नेशनल काउन्सिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एण्ड ट्रेनिंग के परामर्श से विकसित किया गया है। यह प्रशिक्षण राज्य सरकार के उच्च शिक्षा विभागों के साथ साझेदारी में हब एण्ड स्पोक मॉडल के द्वारा दिया जाएगा। छह राज्यों में टियर-2 एवं टियर-3 नगरों के 150 शैक्षणिक संस्थानों में 30 सेंटर ऑफ एक्सीलेन्स इससे लाभान्वित होंगे।
इस साझेदारी पर बात करते हुए जयंत चौधरी, राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार), कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय तथा राज्य मंत्री, शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह पहल दर्शाती ह कि किस तरह सरकार और उद्योग जगत एक साथ मिलकर एक समावेशी एवं भविष्य के लिए तैयार कार्यबल का निर्माण कर सकते हैं। Microsoft के साथ यह साझेदारी एआई जैसे उभरते टेक क्षेत्रों में महिलाओं को अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस प्रोग्राम को एनईपी के अनुरूप क्रेडिट-लिंक्ड युनिवर्सिटी पाठ्यक्रम में शामिल हम 21वीं सदी की लर्निंग को प्रत्यास्थ, बहु-आयामी एवं उद्योग जगत के अनुकूल बना रहे हैं। युवतियों को आज के दौर के डिजिटल कौशल में सशक्त बनाने से न सिर्फ उनके करियर में सकारात्मक बदलाव आएंगे बल्कि देश एक समान एवं इनोवेशन-उन्मुख अर्थव्यवस्था की दिशा में भी अग्रसर होगा।’’
प्रोग्राम के एक पार्टनर के रूप में एड्युनेट फाउन्डेशन, अकादमिक संस्थानों, सरकारी संगठनों, कॉपोरेट संस्थाओं एवं ओद्यौगिक संगठनों के साथ मिलकर इस प्रोग्राम को अंजाम देगा। इसके तहत महिलाओं को एआई में प्रासंगिक कौशल एवं आर्थिक अवसर प्रदान किए जाएंगे, ताकि कार्यबल में उनकी भागीदारी को बढ़ाया जा सके।
इस प्रोग्राम के तहत महिला संस्थानों में 30 Centre of Excellence स्थापित किए जाएंगे, जो हब सेंटर की तरह काम करेंगे। इसके अलावा यह प्रोग्राम टियर-2 और टियर-3 नगरों में 150 स्पोक सेंटरों को भी सहयोग प्रदान करेगा, जहां छात्रों को AI टूल्स एवं ऐप्लीकेशन्स में व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस तरह 20,000 छात्रों को उद्योग जगत के अनुसार कौशल एवं परियोजना पर आधारित अनुभव पाने का मौका मिलेगा। इसके अलावा ये छात्र एआई-रोल्स में विशेषज्ञों के द्वारा प्रशिक्षण, एआई सर्टिफिकेशन, इंटर्नशिप, एप्रेन्टिसशिप, फैलोशिप, करियर में मार्गदर्शन तथा नौकरियों के अवसर भी पा सकेंगे। यह प्रोग्राम ग्रामीण भारत की महिलाओं को एआई में इनोवेट करने तथा आर्थिक अवसरों का लाभ उठाने में सक्षम बनाएगा। ये महिलाएं AI डेवलपर्स के रूप में विकसित होकर AI ऐप्लीकेशन्स एवं डेटासेट तैयार करने में सक्षम होंगी। इस तरह ग्रामीण एआई इनोवेशन/ उद्यमों के लिए प्रतिभा का निर्माण होगा। एमएसडीई और माइक्रोसॉफ्ट के बीच इस साझेदारी के तहत ग्रामीण महिलाएं इन केन्द्रों के माध्यम से एप्रेन्टिसशिप और नौकरियों के अवसर पा सकेंगी। समावेशी कौशल के लिए माइक्रोसॉफ्ट की प्रतिबद्धता पर बात करते हुए अपर्णा गुप्ता, ग्लोबल डिलीवरी सेंटर लीडर Microsoft India ने कहा, ‘‘कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय तथा Microsoft के बीच इस साझेदारी को लेकर हम बेहद उत्सुक हैं, जो भारत की युवा महिलाओं को एआई में करियर बनाने के लिए तैयार करेगी। इस साझेदारी के माध्यम से हम टियर-2 और टियर-3 नगरों के संस्थानों की क्षमता ब?ा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं एआई-पावर्ड इकोनोमी में शामिल होकर आने वाले कल के कार्यबल को नया आयाम दे सकें।’ यह पहल डिजिटल अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी ब?ाने की दिशा में Microsoft की प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा सरकार के मिशन के अनुरूप भावी कौशल को एक समान रूप से सुलभ बनाती है। यह प्रोग्राम महिलाओं के लिए डिजिटल करियर के मार्ग प्रशस्त कर अधिक समावेशी टेक्नोलॉजी कार्यबल के निर्माण में योगदान देगा।

