New Delhi,
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने बुधवार को जानकारी दी कि कंपनी में महिला कर्मचारियों की संख्या 1,300 से अधिक हो गई है। यह वृद्धि खासतौर पर गुरुग्राम और मानेसर स्थित उत्पादन इकाइयों में नियुक्तियों के कारण हुई है, जिससे कार्यस्थल पर लैंगिक विविधता को मजबूती मिली है। पिछले दो वर्षों में कंपनी ने सुनियोजित तरीके से वाहन निर्माण, इंजन तथा ट्रांसमिशन से जुड़े कार्यों में महिलाओं की भर्ती बढ़ाई है। अब ये महिला कर्मचारी उत्पादन इकाइयों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं और असेंबली लाइन तथा गुणवत्ता नियंत्रण जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रही हैं, जहां सटीकता और निरंतरता बेहद आवश्यक होती है।
कंपनी ने बताया कि महिला कर्मचारियों को पुरुष कर्मचारियों के समान ही कार्य के दौरान प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रम प्रदान किए जाते हैं, जिससे उन्हें करियर में आगे बढ़ने के समान अवसर मिलते हैं। इस विषय पMaruti Suzuki women employeesर कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिसाशी ताकेउची ने कहा कि पहले से ही इंजीनियरिंग, विपणन, बिक्री, वित्त, विधि, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की अच्छी भागीदारी रही है। लेकिन उन्होंने जोर दिया कि वास्तविक भागीदारी उत्पादन इकाइयों में दिखाई देती है, जहां कर्मचारी उच्च गुणवत्ता वाले वाहन निर्माण में प्रत्यक्ष योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत इच्छा है कि उत्पादन इकाइयों में महिलाओं की भागीदारी को और अधिक मजबूत किया जाए। इसके लिए कंपनी ने एक सहयोगी कार्य वातावरण तैयार करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
कंपनी द्वारा आंतरिक स्तर पर विस्तृत अध्ययन किया गया, जिसके आधार पर बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया गया है। इनमें महिलाओं के लिए अलग शौचालय, वस्त्र परिवर्तन कक्ष, क्रेच सुविधा और शाम की पाली के दौरान सुरक्षा के लिए गार्ड तथा गश्त की व्यवस्था शामिल है। इसके अलावा, कंपनी ने कर्मचारियों के बीच समावेशी कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी शुरू किए हैं, ताकि सभी टीमों में खुलेपन और सहयोग की भावना विकसित हो सके। मारुति सुजुकी ने कार्यस्थल पर सुरक्षा और जागरूकता सुनिश्चित करने के लिए यौन उत्पीड़न की रोकथाम से संबंधित प्रशिक्षण में 100 प्रतिशत भागीदारी अनिवार्य कर दी है।



