New Delhi,
वैश्विक स्तर पर personal computer (PC) की शिपमेंट में वर्ष 2026 की पहली तिमाही (January–March) के दौरान 4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। एक रिपोर्ट के अनुसार कुल शिपमेंट बढ़कर 62.8 million units तक पहुंच गई। हालांकि, यह वृद्धि वास्तविक उपभोक्ता मांग को पूरी तरह नहीं दर्शाती है। रिपोर्ट तैयार करने वाली संस्था Gartner के अनुसार, इस दौरान कई कंपनियों और distribution partners ने भविष्य में बढ़ती लागत की आशंका को देखते हुए पहले से ही अधिक stock जमा कर लिया। इस वजह से शिपमेंट के आंकड़ों में कृत्रिम बढ़ोतरी देखने को मिली। Gartner के Research Principal Rishi Padhi ने बताया कि year-on-year आधार पर जो वृद्धि दिखाई दे रही है, वह काफी हद तक artificial है। इसका मुख्य कारण memory की बढ़ती कीमतें हैं, जिसे आम तौर पर memflation कहा जाता है। इसके साथ ही DRAM और NAND flash जैसे components की लागत में भी इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि इसका असर खासतौर पर कम margin वाले computer segments में अधिक देखने को मिला, जहां कंपनियों ने पहले से stock जमा कर लिया।
पिछले वर्ष के आधार का भी प्रभाव
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि वर्ष 2025 की पहली तिमाही में अमेरिका के tariff लागू होने से पहले कंपनियों ने बड़ी मात्रा में शिपमेंट कर दी थी। इस वजह से तुलना का आधार पहले से ही ऊंचा था, जिससे इस वर्ष के आंकड़े कुछ हद तक प्रभावित हुए। वैश्विक PC बाजार में शीर्ष कंपनियों की स्थिति में इस तिमाही के दौरान कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। Lenovo ने अपनी पहली position बरकरार रखी, जबकि HP Inc. दूसरे स्थान पर बनी रही, हालांकि इसके market share में कुछ गिरावट आई। वहीं Dell Technologies ने इस तिमाही में अपने market share में सुधार दर्ज किया।
सबसे तेज़ वृद्धि दर्ज करने वाली कंपनी
इस दौरान Apple सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली कंपनी बनकर उभरी। कंपनी की शिपमेंट में year-on-year आधार पर 12.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस बढ़त का मुख्य कारण इसके MacBook Neo lineup की मजबूत मांग रही, खासकर नए उपयोगकर्ताओं और education sector में। रिपोर्ट के अनुसार, Apple की रणनीति ने ऐसे उपभोक्ताओं को आकर्षित किया जो कम कीमत में उच्च प्रदर्शन वाले device चाहते हैं। इससे कंपनी की वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी स्थिति और मजबूत हुई है। तिमाही के दौरान ASUS ने Acer को पीछे छोड़ते हुए पांचवां स्थान हासिल कर लिया। कुल मिलाकर, वैश्विक PC शिपमेंट में वृद्धि जरूर दर्ज की गई है, लेकिन यह वृद्धि वास्तविक मांग से अधिक कंपनियों की रणनीतिक तैयारी और लागत बढ़ने की आशंका का परिणाम मानी जा रही है। आने वाली तिमाहियों में वास्तविक मांग का रुख अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।



