बिजऩेस रेमेडीज/मुंबई
उभरते भारत की वित्तीय सेवाओं की अग्रणी प्रदाता, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (महिंद्रा फाइनेंस) के निदेशक मंडल ने आयोजित अपनी बैठक में 30 जून, 2024 (वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही) को समाप्त तिमाही के लिए अलेखापरीक्षित वित्तीय परिणामों की घोषणा की।
एकल परिणाम :
मुख्य बिंदु : वित्त वर्ष ’25 की पहली तिमाही का कर पश्चात मुनाफा (पैट) सालाना आधार पर 45 प्रतिशत बढक़र 513 करोड़ हो गया, जो पिछले साल 353 करोड़ था-आरओए का 1.8 प्रतिशत।
प्रबंधनाधीन परिसंपत्ति (व्यावसायिक संपत्ति): 1,06,339 करोड़ रही जो पिछले साल 86,732 करोड़ थी, सालाना आधार पर 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
वितरण : 12,741 करोड़ जो पिछले साल 12,165 करोड़ था, सालाना आधार पर 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
कुल आय: 3,760 करोड़ जो पिछले साल 3,125 करोड़ थी, सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी। यात्री वाहनों, पुराने वाहनों और ट्रैक्टरों में निरंतर नेतृत्व।
स्थिर परिसंपत्ति गुणवत्ता : जीएस2 प्रतिशत+जीएस3 प्रतिशत < 10 प्रतिशत। स्टेज-3 ञ्च3.6प्रतिशत। ऋण लागत: 1.5 प्रतिशत जो वित्त वर्ष ’24 की पहली तिमाही में 2.1प्रतिशत
पूंजी पर्याप्तता 18.5 प्रतिशत के शानदार स्तर पर – टियर-1 पूंजी -16.4 प्रतिशत। स्टेज 3 ऋणों पर प्रावधान कवरेज 59.8 प्रतिशत के विवेकपूर्ण स्तर पर है। कुल लिक्विडिटी बफर 8,216 करोड़ के सुकूनदेह स्तर पर है।
परिचालन :
30 जून, 2024 को समाप्त तिमाही (वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही) के दौरान व्यावसायिक परिसंपत्तियों में लगातार वृद्धि दर्ज हुई, जो अब 23 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ 1,06,339 करोड़ पर है।
कलेक्शन दक्षता, पिछले साल की इसी तिमाही के समान 94प्रतिशत पर स्थिर रही। अंडरराइटिंग मानकों पर निरंतर ध्यान देने और प्रारंभिक बकेट डेलिंक्वेंसी को संबोधित करने के साथ, परिसंपत्ति की गुणवत्ता स्थिर रही। स्टेज-2 और स्टेज-3 एक साथ 10 प्रतिशत से नीचे रहे। महिंद्रा फाइनेंस तीन पहिया वाहनों, यात्री वाहनों (पीवी), वाणिज्यिक वाहनों (सीवी), हल्के वाणिज्यिक वाहनों (एलसीवी) और छोटे वाणिज्यिक वाहनों (एससीवी) के वित्तपोषण के लिए शीर्ष पांच एनबीएफसी में से एक है।

