ईरान ने Strait of Hormuz से कुछ जहाजों को दी राहत, सख्त शर्तों के साथ मिली अनुमति
बिजनेस रेमेडीज/ नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने Strait of Hormuz से गुजरने वाले कुछ जहाजों को अनुमति दे दी है। पर यह छूट सिर्फ उन जहाजों को मिलेगी जो जरूरी सामान लेकर ईरान के बंदरगाहों की ओर जा रहे हैं। ईरान ने साफ कहा है कि ऐसे सभी जहाजों को पहले अधिकारियों से संपर्क करना होगा और तय नियमों का पालन करना होगा। बिना अनुमति कोई भी जहाज इस रास्ते से नहीं गुजर सकेगा।
प्रतिदिन दो करोड़ बैरल तेल यहां से निकलता है
दुनिया में एक छोटी-सी जगह है, जिसे Strait of Hormuz कहते हैं। यह समुद्र में एक संकरा रास्ता है, जैसे किसी बड़े शहर की सबसे जरूरी गली। फारस की खाड़ी से निकलने वाला तेल इसी रास्ते से होकर एशिया, यूरोप और बाकी दुनिया तक पहुंचता है। दुनिया का करीब 20 फीसदी तेल यानी हर 5 में से 1 तेल का जहाज इसी रास्ते से गुजरता है। हर रोज 2 करोड़ बैरल तेल यहां से निकलता है। इसी वर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े हवाई हमले किए। अमेरिका ने इसे Operation Epic Fury नाम दिया। इन हमलों में ईरान के हथियार ठिकाने और परमाणु जगहें तबाह की गईं। ईरान के सबसे बड़े नेता Ayatollah Khamenei समेत कई बड़े अफसर मारे गए हैं।
ईरान ने बंद कर दिया था Hormuz का रास्ता
ईरान भी चुपचाप नहीं बैठा है, उसने इजरायल पर मिसाइलें और ड्रोन दागे। खाड़ी के देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए और सबसे बड़ा वार किया। उसने Hormuz का दरवाजा यानी रास्ता बंद कर दिया, जिस पर पूरी दुनिया निर्भर थी।
हजारों तेल के जहाज समुद्र में फंसे रहे
ईरान की सेना ने साफ कह दिया कि दुश्मन देशों के जहाज यहां से नहीं गुजरेंगे। नतीजा यह हुआ कि जहां पहले हर महीने 3000 जहाज इस रास्ते से गुजरते थे। वहां 95 फीसदी ट्रैफिक बंद हो गया। हजारों तेल के जहाज समुद्र में फंसे रहे।
पेट्रोल और गैस की किल्लत बनी
तेल की कीमतें आसमान पर पहुंच गईं। एशियाई देशों में पेट्रोल और गैस की किल्लत होने लगी। पेट्रोल महंगा हुआ तो खाना, सफर, सामान सबकुछ महंगा हो गया।
ईरान से लेनी होगी इजाजत
मार्च के आखिर में थोड़ी नरमी आई। ईरान ने कहा कि जो देश उसके दोस्त या दुश्मन नहीं हैं। उनके जहाज गुजर सकते हैं। चीन, रूस, भारत, पाकिस्तान, मलेशिया जैसे देशों के जहाजों को इजाजत मिली। भारत के LPG टैंकर और मलेशिया के तेल जहाज निकाले गए, लेकिन यह पूरी तरह खुलना नहीं है। जहाजों को ईरान से पहले इजाजत लेनी पड़ती है, फीस देनी पड़ती है और उनके नियम मानने पड़ते हैं।

