Business Remedies/नई दिल्ली (IANS)। भारत में फरवरी में रिटेल वाहन बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई। देश में वाहन बिक्री सालाना आधार पर 25.62 प्रतिशत बढ़कर 24.09 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जो फरवरी 2024 के पिछले रिकॉर्ड को भी पार कर गई। यह जानकारी गुरुवार को Federation of Automobile Dealers Association (FADA) ने दी। यह बढ़ोतरी लगभग सभी वाहन सेगमेंट में देखने को मिली।
सालाना आधार पर दोपहिया वाहनों की बिक्री 25.02 प्रतिशत, तीन पहिया वाहनों की बिक्री 24.39 प्रतिशत, पैसेंजर व्हीकल की बिक्री 26.12 प्रतिशत और कमर्शियल वाहनों की बिक्री 28.89 प्रतिशत बढ़ी। इससे साफ है कि निजी इस्तेमाल के वाहनों के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों से जुड़े वाहनों की मांग भी मजबूत बनी हुई है। FADA के अनुसार, मार्च में भी डीलरों का भरोसा बाजार को लेकर काफी सकारात्मक बना हुआ है।
लगभग 75.51 प्रतिशत डीलरों को उम्मीद है कि बिक्री में और वृद्धि होगी, जबकि 19.90 प्रतिशत डीलरों को बाजार स्थिर रहने की उम्मीद है और केवल 4.59 प्रतिशत डीलरों को गिरावट की आशंका है। फरवरी में ट्रैक्टर बिक्री में भी शानदार तेजी देखने को मिली। इस सेगमेंट में 36.35 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह महीने का सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट बन गया।
हालांकि कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट ऐसा एकमात्र सेगमेंट रहा जिसने नया रिकॉर्ड नहीं बनाया। इस क्षेत्र में सालाना आधार पर 1.22 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई। FADA ने कहा कि फरवरी में बाजार का मजबूत प्रदर्शन यह दिखाता है कि सरकारी नीतियों से पैदा हुआ भरोसा अब मांग में भी दिखाई देने लगा है। खासकर GST 2.0 के बाद बाजार में स्थिरता और विश्वास बढ़ा है, जिससे अलग-अलग वाहन सेगमेंट में मांग मजबूत बनी हुई है।
दोपहिया वाहनों की रिटेल बिक्री 25.02 प्रतिशत बढ़कर 17,00,505 यूनिट तक पहुंच गई। डीलरों का कहना है कि अच्छी फसल, ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर नकदी उपलब्धता, आकर्षक मार्केटिंग स्कीम और GST में बदलाव के बाद बेहतर कीमतों ने इस वृद्धि में अहम भूमिका निभाई है।
कमर्शियल वाहनों की बिक्री फरवरी में 1,00,820 यूनिट रही, जो सालाना आधार पर 28.89 प्रतिशत अधिक है। देश भर के डीलरों के अनुसार बेहतर माल ढुलाई, स्थिर e-commerce गतिविधियां और infrastructure से जुड़ी मांग के कारण नए वाहनों की खरीद बढ़ी है।
पैसेंजर व्हीकल की रिटेल बिक्री 3,94,768 यूनिट रही, जो सालाना आधार पर 26.12 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इस दौरान शहरी बाजार में 21.12 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि ग्रामीण बाजार में 34.21 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे साफ है कि महानगरों के अलावा ग्रामीण और छोटे शहरों में भी वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती मांग खास तौर पर छोटी कारों की बिक्री को सहारा दे रही है, हालांकि कुल बिक्री में अब भी SUV और utility वाहनों का बड़ा योगदान बना हुआ है।

