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Wednesday, May 20, 2026 |
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भारत में वित्त और लेखांकन क्षेत्र की 64 प्रतिशत महिलाएं बनना चाहती हैं उद्यमी

by Business Remedies
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Women in Finance and Accounting in India Moving Towards Entrepreneurship

नई दिल्ली,

भारत में वित्त और लेखांकन क्षेत्र में काम कर रही महिलाओं के बीच उद्यमिता की इच्छा तेजी से बढ़ रही है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार अब लगभग दो-तिहाई महिलाएं अपना खुद का कारोबार शुरू करने का सपना देख रही हैं, जो इस बात का संकेत है कि वित्तीय कौशल को व्यवसाय शुरू करने के मजबूत माध्यम के रूप में देखा जा रहा है। Association of Chartered Certified Accountants (ACCA) द्वारा जारी सर्वेक्षण के आंकड़ों से पता चला है कि भारत में इस क्षेत्र की 64 प्रतिशत महिला पेशेवर अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 56 प्रतिशत था। इस तरह एक वर्ष में महिलाओं की उद्यमिता की आकांक्षा में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार यह वृद्धि इस बात को दर्शाती है कि महिलाएं अब लेखांकन और वित्त से जुड़ी अपनी शिक्षा व प्रशिक्षण का उपयोग उद्यमिता की दिशा में करने को लेकर अधिक आत्मविश्वास महसूस कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वित्तीय ज्ञान और प्रबंधन क्षमता महिलाओं को व्यवसाय संचालन के लिए मजबूत आधार प्रदान करती है। हालांकि कुल मिलाकर पुरुषों में अभी भी उद्यमी बनने की इच्छा अधिक है, लेकिन महिलाओं और पुरुषों के बीच यह अंतर धीरे-धीरे कम हो रहा है। इससे संकेत मिलता है कि पेशेवर जीवन में महिलाओं की महत्वाकांक्षाएं और आत्मविश्वास तेजी से बढ़ रहे हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह रुझान खासतौर पर युवा पेशेवरों में ज्यादा मजबूत दिखाई दे रहा है। वैश्विक लेखांकन संस्था के अनुसार Generation Z और Millennial वर्ग की महिलाओं में उद्यमिता की महत्वाकांक्षा सबसे अधिक देखी जा रही है। इस वर्ग की लगभग आधी महिलाएं भविष्य में अपना खुद का उद्यम शुरू करने की योजना बना रही हैं। ACCA के अनुसार यह प्रवृत्ति नई पीढ़ी की स्वतंत्रता, प्रभाव और आर्थिक आत्मनिर्भरता की इच्छा को दर्शाती है। युवा महिलाएं अब केवल नौकरी तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि वे व्यवसाय के माध्यम से अपनी पहचान और प्रभाव स्थापित करना चाहती हैं।

ACCA की मुख्य कार्यकारी अधिकारी Helen Brand ने कहा कि यह रुझान दर्शाता है कि लेखांकन और वित्त से जुड़े कौशल महिलाओं को नेतृत्व करने और व्यवसाय स्थापित करने के लिए सशक्त बनाते हैं। उनके अनुसार उद्यमिता आर्थिक सशक्तिकरण का वास्तविक उदाहरण है। लेखांकन का क्षेत्र वित्तीय विशेषज्ञता, सुशासन, जोखिम प्रबंधन, तकनीकी समझ और रणनीतिक दृष्टिकोण जैसे कई महत्वपूर्ण कौशल प्रदान करता है, जो किसी भी सफल उद्यम के लिए आवश्यक होते हैं। ACCA India के निदेशक Md. Sajid Khan ने कहा कि भारत में विशेष रूप से युवा वित्त पेशेवरों के बीच यह बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार अब युवा लेखांकन को केवल एक तकनीकी विषय के रूप में नहीं देखते, बल्कि इसे नवाचार, स्वतंत्रता और सामाजिक प्रभाव की दिशा में आगे बढ़ने का माध्यम मानते हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि Global Talent Trends 2026 के आंकड़ों के अनुसार लेखांकन का क्षेत्र भविष्य के व्यवसाय मालिकों के लिए एक स्वाभाविक प्रशिक्षण मंच बना हुआ है। सर्वेक्षण में शामिल आधे से अधिक लोगों ने माना कि वित्तीय पृष्ठभूमि उद्यमिता के लिए बेहद लाभदायक होती है। संस्था के अनुसार उभरते हुए बाजारों में उद्यमिता की महत्वाकांक्षा विशेष रूप से मजबूत देखी जा रही है। इन देशों में लोग व्यवसाय को आर्थिक प्रगति, सामाजिक बदलाव और नई संभावनाओं के रास्ते के रूप में देखते हैं। भारत में भी यही प्रवृत्ति तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है, जहां महिलाएं अब अपने वित्तीय ज्ञान और पेशेवर अनुभव के आधार पर नए उद्यम शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।



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