Monday, July 13, 2026 |
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अगले पाँच वर्षों में भारत के REIT और InvIT बाज़ार में जुड़ सकते हैं ₹.11.6 लाख करोड़ के निवेश

by Business Remedies
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India REIT And InvIT Market Expected To Add ₹.11.6Lakh Crore Investments By 2030

भारत के रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (REIT) और अवसंरचना निवेश ट्रस्ट (InvIT) क्षेत्र में आने वाले पाँच वर्षों के दौरान निवेश का बड़ा प्रवाह देखने को मिल सकता है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, यह क्षेत्र अतिरिक्त ₹.11.6 लाख करोड़ के निवेश को आकर्षित कर सकता है और वर्ष 2030 तक प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों का आकार ₹.20लाख करोड़ से अधिक हो सकता है।

निवेश बैंक एवेंडस कैपिटल की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में संस्थागत निवेशकों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। अनुमान है कि वर्ष 2030 तक घरेलू म्यूचुअल फंड लगभग ₹.4.6लाख करोड़ का निवेश कर सकते हैं, जबकि बीमा कंपनियाँ करीब ₹.3.2 लाख करोड़ का निवेश कर सकती हैं। इसके अतिरिक्त, घरेलू पेंशन फंड भी लगभग ₹.2.2 लाख करोड़ की नई पूंजी इस क्षेत्र में लगा सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने REIT और InvIT में निवेश के लिए उपलब्ध नियामकीय सीमा का अब तक केवल 7.5 प्रतिशत ही उपयोग किया है। इसका अर्थ है कि इस क्षेत्र में लगभग ₹.7 लाख करोड़ के अतिरिक्त निवेश की बड़ी संभावना अभी भी मौजूद है।

आपूर्ति पक्ष की बात करें तो सड़क, कार्यालय, खुदरा व्यापार, विद्युत प्रसारण, नवीकरणीय ऊर्जा, दूरसंचार और लॉजिस्टिक्स अवसंरचना जैसे क्षेत्रों का कुल संभावित बाज़ार आकार वर्ष 2026 के ₹.10 लाख करोड़ से बढ़कर वर्ष 2030 तक लगभग दोगुना होने की उम्मीद है। वर्तमान में भारत का REIT और InvIT बाज़ार सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 1.5प्रतिशत है, जो विकसित देशों की तुलना में काफी कम है। संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और जापान जैसे देशों में ऐसे व्यावसायिक ट्रस्ट सकल घरेलू उत्पाद के 5प्रतिशत से 12प्रतिशत तक हिस्सेदारी रखते हैं। इससे स्पष्ट होता है कि भारत में इस क्षेत्र के विस्तार की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं।

एवेंडस कैपिटल के इक्विटी कैपिटल मार्केट प्रमुख गौरव सूद के अनुसार, भारत का REIT और InvIT बाज़ार अपनी दीर्घकालिक विकास यात्रा के नौवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। वर्तमान में देश में 32 सूचीबद्ध ट्रस्ट मौजूद हैं, जिनकी कुल प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियाँ ₹.10 लाख करोड़ और संयुक्त बाज़ार पूंजीकरण ₹.5 लाख करोड़ है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती ब्याज दरों के बीच निवेशक अपने निवेश पोर्टफोलियो का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं। ऐसे माहौल में नियमित आय देने वाली संरचनाएँ जैसे REIT और InvIT भारत के पूंजी बाज़ार में सबसे महत्वपूर्ण दीर्घकालिक अवसरों में उभर रही हैं।

एवेंडस कैपिटल के अवसंरचना एवं वास्तविक परिसंपत्ति निवेश बैंकिंग प्रमुख गौरव अरोड़ा ने कहा कि REIT और InvIT नकदी उत्पन्न करने वाली मुख्य परिसंपत्तियों को वित्तीय ढाँचे में शामिल करने और नई परियोजनाओं के विकास हेतु पूंजी पुनर्चक्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नए निवेश विकल्पों से निवेशकों की भागीदारी और बढ़ेगी। यदि इस परिसंपत्ति वर्ग में केवल 2प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन किया जाता है, तो निष्क्रिय ETF उत्पादों के माध्यम से ₹.24,000 करोड़ से अधिक की नई पूंजी आ सकती है। इससे भारत के अवसंरचना और रियल एस्टेट निवेश क्षेत्र को दीर्घकालिक मजबूती मिलने की संभावना है।



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