भारत तेजी से विकसित हो रही एआई तकनीक के दौर में मानव कौशल आधारित अर्थव्यवस्था का वैश्विक नेतृत्व करने की मजबूत स्थिति में है। बुधवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की सबसे युवा कार्यशक्ति और एआई को सबसे तेज गति से अपनाने की क्षमता भारत को अन्य देशों की तुलना में विशेष बढ़त प्रदान कर रही है।
कार्यस्थल समाधान प्रदाता संस्था द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में एआई का उपयोग दुनिया में सबसे अधिक है, जिसके कारण रोजगार बाजार में मानव कौशल की महत्ता और भी बढ़ गई है। वर्तमान में लगभग 73 प्रतिशत भारतीय कर्मचारी नियमित रूप से एआई आधारित उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं। यह आंकड़ा अमेरिका के 45 प्रतिशत और ब्रिटेन के 29 प्रतिशत से काफी अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि 93 प्रतिशत भारतीय कारोबारी नेता अगले 12 से18 महीनों के भीतर अपनी कार्यशक्ति की क्षमता बढ़ाने के लिए एआई एजेंट्स का उपयोग करने की योजना बना रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि भविष्य में कार्यस्थलों पर मानव और एआई के बीच सहयोग आधारित कार्यप्रणाली तेजी से बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई के बढ़ते उपयोग के साथ सहानुभूति, निर्णय क्षमता, नेतृत्व और सहयोग जैसे मानवीय गुणों का महत्व और अधिक बढ़ जाएगा। कंपनियां अब अपने कार्य मॉडल को इस प्रकार तैयार कर रही हैं, जहां तकनीक और मानव कौशल मिलकर बेहतर परिणाम प्रदान कर सकें। वैश्विक स्तर पर लगभग 90 प्रतिशत मानव संसाधन प्रमुखों का मानना है कि यदि संस्थान मानव क्षमताओं को प्राथमिकता नहीं देंगे तो नवाचार प्रभावित हो सकता है। रिपोर्ट में उद्योग संगठन NASSCOM का हवाला देते हुए कहा गया है कि भारत वर्ष2030 तक एआई से जुड़ी सेवाओं के लिए 80 लाख से 1 करोड़ पेशेवरों को पुनः प्रशिक्षित करने और नए कौशल प्रदान करने की क्षमता रखता है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत में एआई विशेषज्ञों की मांग वर्ष 2022 से2027 के बीच 6लाख से6.5लाख के स्तर से बढ़कर 12.5 लाख से अधिक हो सकती है। हालांकि योग्य पेशेवरों की कमी नवाचार और विकास की गति को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में एआई की समझ और मजबूत मानवीय क्षमताओं का संयोजन भविष्य की कार्यशक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अध्ययन में पाया गया कि 55 प्रतिशत मानव संसाधन प्रमुखों के अनुसार हाइब्रिड कार्यस्थल सहानुभूति, नेतृत्व क्षमता और बेहतर निर्णय कौशल विकसित करने के लिए सबसे प्रभावी वातावरण प्रदान करते हैं। ऐसे कार्यस्थलों में विश्वास, मार्गदर्शन, सहयोग और निर्णय लेने जैसी महत्वपूर्ण मानवीय विशेषताओं को मजबूत किया जाता है। वर्तमान में लगभग 73 प्रतिशत हाइब्रिड टीमें ChatGPT जैसे उपकरणों का उपयोग कर रही हैं, जबकि 82 प्रतिशत संस्थाएं अपने कर्मचारियों को एआई प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही हैं। इसके बावजूद केवल 45 प्रतिशत मानव संसाधन प्रमुखों का मानना है कि उनकी संस्थाएं कौशल अंतर को प्रभावी ढंग से कम करने में सफल हो रही हैं। इससे संकेत मिलता है कि बड़ी संख्या में संस्थानों को एआई के प्रभावी उपयोग और कर्मचारियों के कौशल विकास की दिशा में अभी और तेजी से कार्य करने की आवश्यकता है।

