Saturday, July 11, 2026 |
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हेल्प इन सफरिंग ने जयपुर में मानवीय शिक्षा पहल की शुरुआत की

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। जयपुर के अग्रणी पशु कल्याण संगठन, हेल्प इन सफरिंग (एचआईएस) ने क्षेत्र में पशुओं के प्रति दयालु समाज का निर्माण करने के उद्देश्य से एक नई मानवीय शिक्षा पहल की शुरुआत की। इस पहल के तहत स्थानीय पशु कल्याण संगठनों को मानवीय शिक्षा में प्रशिक्षित और सशक्त बनाने के लिए होटल क्लाक्र्स आमेर में मानवीय शिक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जयपुर के हेल्प इन सफरिंग द्वारा चंडीगढ़ के ‘पीडूज पीपल’ के सहयोग से किया गया। मानवीय शिक्षा के महत्व को समझते हुए, एचआईएस इस पहल को जयपुर के स्कूलों और समुदायों तक ले जा रहा है। इसी के तहत एचआईएस और पीडूज पीपल शहर के जयपुरिया स्कूल और द पैलेस स्कूल में भी सेशंस आयोजित किए गए। एचआईएस के नेतृत्व में शहर के अन्य स्कूलों में भी यह वर्कशॉप प्रोग्राम चलाया जाएगा और स्कूली बच्चों को जागरूक किया जाएगा। होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित कार्यशाला में मानवीय शिक्षा एक्सपर्ट और ‘पीडूज पीपल’ के फाउंडर इन्दर संधू ने दो रोचक सेशंस के माध्यम से उपस्थित लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम में शहर के कई पशु कल्याण संगठन, पशु प्रेमी और एनजीओ उपस्थित रहे। यह जानकारी एचआईएस की मैनेजिंग ट्रस्टी, टिम्मी कुमार ने दी।
संधू ने अपने सेशन ‘स्पीकिंग डोगेसी’ में डॉग्स की बॉडी लैंग्वेज, डॉग्स के साथ सुरक्षित इन्टरैक्शन, डॉग्स बाइट बचाव आदि विषयों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। इसके साथ ही उन्होंने रेबीज से जुड़े तथ्यों, मिथ और एंटी रेबीज वैक्सिनेशन के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। वहीं दूसरा सेशन ‘कम्पैशनेट सिटीजन’ विषय पर आधारित था, जिसमें संधू ने पशुओं के प्रति क्रूरता की रोकथाम, मानवीय शिक्षा के सिद्धांतों, मूल अवधारणाओं और उसके लक्ष्यों को समझने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि लोगों में मानवीय शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी कार्यक्रम रणनीतियां तैयार की जानी चाहिए, जिसमें स्थानीय लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को विशेष रुप से शामिल किया जाना चाहिए। लोगों को जागरूक करने के लिए कम्यूनिटी इंगेजमेंट बहुत आवश्यक है।
उन्होंने आगे कहा कि यह सेशन नेटवर्किंग, विचारों को साझा करने और लोगों में अधिक दया भाव जगाने के लिए एक आधार तैयार करने का एक शानदार अवसर रहा। हम सभी सामूहिक रूप से मानवीय शिक्षा में संलग्न होकर, बदलाव लाने के लिए अपने प्रयासों को बढ़ा सकते हैं और एक ऐसा शहर बना सकते हैं, जहां सभी पशुओं के प्रति दया और देखभाल करने की भावना गहराई से निहित हो।
गौरतलब है कि इस पहल के लिए एचआईएस ने चंडीगढ़ के पशु कल्याण संगठन ‘पीडूज पीपल’ के साथ साझेदारी की है, जो मानव-पशु संघर्ष को कम करने और मानवीय शिक्षा, पर्यावरण देखभाल, रेबीज जागरूकता और पेटा के माध्यम से सभी प्रजातियों के लिए दया-भाव को बढ़ावा देने के लिए काम करता है।



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