Sunday, July 5, 2026 |
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गोल्ड पर कस्टम ड्यूटी कम होने से सोने की कीमतों में आई गिरावट

by Business Remedies
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पिछले दिनों पेश केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से गोल्ड पर कस्टम ड्यूटी कम किए जाने के साथ ही सोने की कीमतों में पांच प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। इससे देश के आम लोगों की बचत की वैल्यू में करीब 11 लाख करोड़ रुपए की गिरावट आई है। अगर इसकी तुलना शेयर बाजार से करें, तो यह स्टॉक मार्केट के इतिहास में एक दिन में आई अब तक की छठी सबसे बड़ी गिरावट है। इस गिरावट का सीधा असर देश के लाखों परिवारों पर पड़ा है। ऐसा इसलिए क्योंकि सोना रखने वाले परिवारों की संख्या शेयर बाजार में निवेश करने वालों की तुलना में कहीं ज्यादा है। भारत में लोग खासकर के मिडिल क्लास परिवार शेयर बाजार से ज्यादा सोने में निवेश करते हैं। देश की मां और बहनों के पास हाउसहोल्ड सेविंग के नाम भारत में कुल इतना सोने का भंडार मौजूद है, जितना भारतीय रिजर्व बैंक के पास भी नहीं है। भारतीय परिवारों के पास दुनिया का सबसे बड़ा सोने का भंडार है। एक आंकड़े के मुताबिक दुनिया के कुल सोने का लगभग 11 प्रतिशत भारतीय परिवारों के पास है। यह अमेरिका, जर्मनी, स्विट्जरलैंड और आईएमएफ के कुल गोल्ड रिजर्व से भी अधिक है। जहां इस साल की शुरुआत से ही सोने की कीमतें तेजी से बढ़ रही थीं। बजट से एक दिन पहले तक सोने की कीमतों में इस साल 14.7 फीसदी की तेजी आई थी, जो सेंसेक्स के रिटर्न से भी ज्यादा थी लेकिन बजट में वित्त मंत्री ने सोने-चांदी पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को 10 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया। साथ ही इस पर लगने वाले एग्रीकल्चर सेस को 5 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत कर दिया। इससे कुल मिलाकर सोने पर लगने वाले शुल्क अब पहले के 18.5 प्रतिशत से घटकर 9 प्रतिशत हो गया है, जिसमें जीएसटी भी शामिल है। सोने के दाम गिरने से सर्राफा व्यापारी खुश नहीं थे। उन्होंने अपने पास रखी सोने की होल्डिंग्स को बेचकर मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया। इससे सोने के दाम में और गिरावट आई। वहीं गोल्ड लोन बांटने वाली कंपनियां भी इससे खुश नहीं थीं, क्योंकि इससे उनके लोन-टू-वैल्यू रेशियो में कमी आने की आशंका है, जो उन्हें वित्तीय रूप से कमजोर कर सकती है। हालांकि बड़ी ज्वैलरी कंपनियों को इस कदम से लाभ हो सकता है। ट्रेडर्स लंबे समय से गोल्ड कस्टम ड्यूटी घटाने की मांग कर रहे थे और उनका कहना था कि इससे गोल्ड की तस्करी रुकेगी। सरकार के लिए भी गोल्ड की तस्करी में कमी आना एक अच्छी खबर है क्योंकि उसके रेवेन्यू का नुकसान कम होगा।



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