Saturday, July 4, 2026 |
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गोदरेज एग्रोवेट त्रिपुरा में ऑयल पाम प्रोसेसिंग मिल स्थापित करेगा

by Business Remedies
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बिजऩेस रेमेडीज/त्रिपुरा
गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड (जीएवीएल) ने आज घोषणा की कि उसका ऑयल पाम प्लांटेशन बिजनेस (ओपीपी) त्रिपुरा में ऑयल पाम प्रोसेसिंग मिल स्थापित करेगा। राज्य के धलाई जिले में स्थापित होने वाली इस मिल में, जहां कंपनी वर्तमान में 3 लाख प्रति वर्ष की क्षमता वाली नर्सरी संचालित करती है और इसे बढ़ाकर 5 लाख प्रति वर्ष करने की योजना बना रही है, कंपनी ‘समाधान’ केंद्र खोलने के अलावा, ऑयल पाम के लिए एक उन्नत अनुसंधान एवं विकास केंद्र भी स्थापित करेगी। ‘समाधान’ दरअसल ऑयल पाम किसानों को व्यापक सहायता प्रदान करने वाला वन-स्टॉप समाधान केंद्र है। मिल और आरएंडडी सेंटर के शिलान्यास समारोह में त्रिपुरा के माननीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री रतन लाल नाथ मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। शिलान्यास समारोह में मलेशिया के एसडी गुथरी प्लांटेशन के अनुसंधान एवं विकास प्रमुख डॉ. हरिकृष्ण कुलवीरसिंहम भी मौजूद थे। ऑयल पाम जीनोम के अध्ययन और डिकोडिंग में दो दशकों से अधिक के अनुभव के साथ, वह कंपनी को स्थानीय स्तर पर उच्च उपज वाले टिकाऊ ऑयल पाम विकसित करने के लिए मार्गदर्शन करेंगे।
अगस्त 2021 में राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – ऑयल पाम (एनएमईओ-ओपी) की शुरुआत के बाद, त्रिपुरा सरकार ने कम से कम 7,000 हेक्टेयर भूमि को पाम की खेती के तहत लाने की योजना शुरू की है। इस अवसर पर टिप्पणी करते हुए त्रिपुरा के कृषि और किसान कल्याण मंत्री रतन लाल नाथ ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – ऑयल पाम (एनएमईओ-ओपी) की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए, त्रिपुरा सरकार एक ऐसा इको-सिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो राज्य के ऑयल पाम किसानों के लिए फायदेमंद हो और फसल के लिए सबसे उपयुक्त भूमि का उपयोग करे। राज्य में ऑयल पाम प्रोसेसिंग मिल के आने से, हमारे किसान अब राज्य के भीतर अपनी उपज बेच सकते हैं। हम गोदरेज एग्रोवेट जैसे भरोसेमंद और विश्वसनीय भागीदारों के साथ साझेदारी करने को लेकर बेहद उत्साहित हैं, जो निश्चित रूप से राज्य में ऑयल पाम किसानों के उत्थान में अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करेंगे। समाधान केंद्र स्थापित करने का उनका निर्णय न केवल मौजूदा ऑयल पाम बल्कि नए ऑयल पाम किसानों की भी मदद करेगा, जिससे राज्य की क्षमता में उनका मजबूत विश्वास प्रदर्शित होगा।’’
गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर बलराम सिंह यादव ने कहा कि हम त्रिपुरा सरकार के आभारी हैं, जिन्होंने पाम ऑयल किसानों के उत्थान के हमारे साझा मिशन में पूरे दिल से सहयोग दिया है। उनके द्वारा बनाया जा रहा अनुकूल इको-सिस्टम वाकई उत्साहजनक है। उन्होंने आगे कहा कि हमें विश्वास है कि आज की घोषणा से न केवल किसानों को अपनी उपज सीधे हमें बेचने में मदद मिलेगी, बल्कि रोजगार पैदा करने और कारोबार की संपूर्ण वैल्यू चेन से जुड़े व्यवसायों को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी। हमें विश्वास है कि तीन दशकों से अधिक की हमारी विशेषज्ञता का लाभ उठाकर, राज्य का समर्थन और विश्वास निश्चित रूप से हमें पाम ऑयल के आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में योगदान करने का अवसर प्रदान करेगा। आरएंडडी केंद्र स्थापित करने के निर्णय पर टिप्पणी करते हुए सौगाता नियोगी, सीईओ-ऑयल पाम प्लांटेशन बिजनेस, गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड ने कहा कि एक ऐसे संगठन के रूप में जो लाभप्रदता से पहले सस्टेनेबिलिटी को प्राथमिकता देता है, यहां भी हमारा प्रयास पाम ऑयल की खेती में सस्टेनेबिल प्रथाओं को बढ़ावा देना है। इसी के अनुरूप, हमने इस क्षेत्र में एडवांस रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है। यहाँ, हमारे वैज्ञानिकों की टीम स्थानीय जलवायु परिस्थितियों और इसके अलावा राज्य की जलवायु के अनुकूल बीज विकसित करने के लिए जीनोमिक्स का काम करेगी। हमें उम्मीद है कि इस केंद्र में होने वाले इनोवेशंस को देश के अन्य भागों में भी ले जाया जाएगा।’’
इस अवसर पर भाभा रंजन रियांग, कार्यकारी सदस्य, कृषि, त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद; पॉल डांगशू, विधान सभा सदस्य, करमचेरा; शंभू लाल चकमा, विधान सभा सदस्य, चावमानु; बिमल कांति चकमा, एमडीसी, त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद; अपूर्व रॉय, सचिव-कृषि, त्रिपुरा सरकार; डॉ. हरिकृष्ण कुलवीरसिंहम, एसडी गुथरी प्लांटेशंस, मलेशिया; प्रणय देबबर्मा, उपाध्यक्ष, मनु ब्लॉक भी मौजूद थे।
देश के सबसे बड़े डाइवर्सिफाइड फूड और एग्री-बिजनेस समूहों में से एक और भारत में ऑयल पाम क्षेत्र में अग्रणी, गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड (जीएवीएल) का लक्ष्य 2027 तक ऑयल पाम बागानों को 1.2 लाख हेक्टेयर तक विस्तारित करना है। भारत में इस क्षेत्र के दीर्घकालिक सतत विकास को सपोर्ट करने के लिए, कंपनी ने पिछले साल वन-स्टॉप सॉल्यूशन सेंटर, समाधान शुरू किया था। प्रत्येक समाधान केंद्र का उद्देश्य लगभग 2,000 हेक्टेयर ऑयल पाम के रोपण का समर्थन करना है और यह अत्याधुनिक कृषि पद्धतियों का लाभ उठाकर और उद्योग विशेषज्ञों से विशेष मार्गदर्शन प्रदान करके परिपक्व बागानों से उपज को अधिकतम करने और बनाए रखने में किसानों का समर्थन करने के लिए सुसज्जित है। भारतीय स्टेट बैंक के साथ कंपनी की साझेदारी भी ऑयल पाम बागान किसानों को इस दौरान समर्थन देगी। आज घोषित पहलों के माध्यम से, कंपनी का इरादा 2027 तक त्रिपुरा में तेल पाम की खेती के तहत क्षेत्र को 10,000 हेक्टेयर तक बढ़ाने का है।



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