शादी का सीजन शुरू हो चुका है और अबूझ सावे अक्षय तृतीया पर काफी शादियां भी होंगी। ऐसे में सोना भी अपनी चमक बिखरने में कोई कमी नहीं कर रहा है। इस समय सोना खरीदने में हर कोई हिचकचा रहा है, क्योंकि पता नहीं कल सोने के भावों में कमी या तेजी आ जाए। पिछले दिनों ही मंगलवार को अक्षय तृतीया से पहले सोने ने रिकॉर्ड स्तर को छुआ, इसके भाव प्रति १० ग्राम १ लाख रुपए तक पहुंच गए। ऐसे में लगता है सोने के भावों में निरंतर मामूली उतार-चढ़ाव बना रहेगा। वहीं वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख के कारण बुधवार को सोना २,४०० रुपए लुढक़ गया। माना जा रहा है, कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन के प्रति नरम रुख के बाद सुरक्षित निवेश के तौर पर मांग कम होने से सोने की कीमतों में गिरावट आई है। जहां सोने के उलट चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई थी। यह 700 रुपए बढ़ी थी। अब चांदी 99,200 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है। वहीं गुरुवार को सोने के भाव में 160 प्रति 10 ग्राम और चांदी के दाम में 100 प्रति किलो की गिरावट आई है। नई कीमतों के बाद सोने के दाम 98 हजार और चांदी के भाव 1 लाख पर ट्रेंड कर रहे है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में यह गिरावट कुछ समय के लिए ही है। आगे जाकर इसमें ज्यादा अस्थिरता बनी रहने की आशंका है। ऐसे में शादी के लिए जेवरात खरीदने वालों में असमंजस बना हुआ है। जहां सोने के भावों में उतार-चढ़ाव के तीन बड़े कारण माने जा रहे हैं। इनमें ट्रेड वॉर का डर और अमेरिका की टैरिफ पॉलिसी से वैश्विक मंदी का खतरा बढ़ गया है, जिससे निवेशक सोने की ओर भाग रहे हैं। वहीं रुपया कमजोर होने और डॉलर के मुकाबले रुपया गिरने से आयात महंगा हो गया और सोने के दाम चढ़े गए हैं। अस्थिरता के कारण सोने और चांदी के भावों में फिलहाल निरंतर उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।

