प्रेम के इजहार का दिन वैलेंटाइन डे आज युवाओं में काफी लोकप्रिय होता जा रहा है। दुनियाभर में हर वर्ष फरवरी माह का एक पूरा सप्ताह आशिकों के नाम हो जाता है। सप्ताह को वैलेंटाइन वीक भी कहते हैं, जिसका हर दिन आशिकों को एक-दूसरे के करीब लाता है। वहीं प्रेमी, पति-पत्नी, दोस्त और परिवार के लोग एक-दूसरे को अपने प्यार का इजहार करते हैं। वैलेंटाइन वीक की शुरुआत वैसे तो 7 फरवरी से हो गई थी, जो १4 फरवरी को वैलेंटाइन डे पर आज समाप्त हो जाएगी। पूरे सप्ताह रोज डे से लेकर प्रपोज और प्रॉमिस डे समेत तमाम ऐसे दिनों को सेलिब्रेट किया जाता है, जो कपल को एक-दूसरे के और करीब लाता है। वैसे वैलेंटाइन डे की शुरुआत अमेरिका में सेंट वैलेंटाइन की याद में हुई थी। सर्वप्रथम यह दिन अमेरिका में ही मनाया गया, फिर इंग्लैंड में इसे मनाने की शुरुआत हुई। इसके बाद यह पूरी दुनिया में धीरे-धीरे मनाए जाने लगा। कुछ देशों में इसे अलग-अलग नामों के साथ भी मनाया जाता है। चीन में इसे नाइट्स ऑफ सेवेन्स के नाम से तो जापान और कोरिया में वाइट डे के नाम से जाना जाता है। भारत में वैलेंटाइन डे मनाने की शुरुआत वर्ष,१९९२ के आसपास हुई थी, जिसके बाद इसका चलन शुरू हो गया। हालांकि वैलेंटाइन डे खासतौर से सेंट वैलेंटाइन की याद में मनाया जाता है। वैसे सेंट वैलेंटाइन के बारे में ऐतिहासिक तौर पर अलग-अलग मत भी है। वर्ष, १९६९ में कैथोलिक चर्च ने कुल ग्यारह सेंट वैलेंटाइन के होने की पुष्टि की और १४ फरवरी को उनके सम्मान में पर्व मनाने की घोषणा की। इनमें सबसे महत्वपूर्ण वैलेंटाइन रोम के सेंट वैलेंटाइन माने जाते हैं। अंग्रेजी बोलने वाले देशों में यह एक पारंपरिक दिवस है, जिसमें प्रेमी एक-दूसरे के प्रति अपने प्रेम का इजहार वैलेंटाइन कार्ड भेजकर, फूल देकर करते हैं। वैलेंटाइन के रूप में पारस्परिक आदान प्रदान के साथ गहरे से जुड़ा हुआ है। दिल के आकार का प्रारूप, कबूतर और पंख वाले क्यूपिड का चित्र आधुनिक वैलेंटाइन के प्रतीकों में शामिल किए गए हैं।१9वीं सदी के बाद से हस्तलिखित नोट्स की जगह बड़े पैमाने पर बनाने वाले ग्रीटिंग कार्ड्स ने ले ली है।

