राजस्थान प्रदेश का बजट-2026-27 आज उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री दिया कुमारी पेश करेंगी। दिया कुमारी का यह तीसरी बजट होगा। बजट को लेकर एक महीने पहले से ही व्यापारिक संगठनों, उद्यमियों व विशेषज्ञों से सुझाव भी लिए गए हैं। अब देखना यह है कि बजट में वित्त मंत्री आम जनता और उद्यमियों को खुश करने के लिए क्या-क्या घोषणाएं करती है? जहां एक ओर राजस्थान की शहरी और ग्रामीण जनता आज भी कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है। पर्यावरण, पानी, स्वास्थ्य, सडक़ और रोजगार से जुड़ी समस्याएं आज भी मुंह बाएं खड़ी है। इसके लिए बजट में कुछ ना कुछ योजना या फिर नीति बनाकर दूर किए जाने की पहल करनी चाहिए। शहर दिनोंदिन चारों दिशाओं में अनियंत्रित रूप से विस्तारित होता जा रहा है। पर सरकार की ओर से इस ओर कोई सार्थक पहल नहीं की जा रही है। मास्टर प्लान तो तैयार होते हैं, पर इनकी क्रियान्विती पूर्णतय: नहीं हो पाती है। शहरों में सैटेलाइट टाउन और पब्लिक ट्रांसपोर्ट नहीं होने से यातायात जाम की स्थिति आए दिन बनी रहती है। वित्त मंत्री से अपेक्षा की जा रही है कि वे बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, रोजगार के नए अवसर और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर जोर दे सकती हैं। इसके अलावा बजट में सडक़, सिंचाई, ऊर्जा, शहरी विकास और औद्योगिक निवेश पर बड़ा आवंटन किए जाने की उम्मीद है। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने, किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष योजनाएं शुरू करने, कृषि तकनीक और पैदावार बढ़ाने के तरीकों को साझा करने और पेंशन और वेतन में वृद्धि की भी बजट में संभावना है।

