हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आज राष्ट्रीय उत्पादकता दिवस मनाया जाएगा। राष्ट्रीय उत्पादकता दिवस का उद्देश्य उत्पादकता, नवाचार और दक्षता के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए उत्पादन को अधिकतम करने के लिए उत्पादकता के प्रति जागरूकता बढ़ाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय उत्पादकता दिवस और राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह का लक्ष्य भारतीय अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में गुणवत्ता, दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है ताकि भारत वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन सके। इस ओर भारत निरंतर आगे बढ़ भी रहा है। यह दिवस आज से 18 फरवरी तक चलने वाले उत्पादकता सप्ताह की शुरुआत करता है। यह दिवस राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद की ओर से यह आयोजित किया जाता है, जो उद्योगों में नवाचार और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर केंद्रित है। राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद, जो वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्था है। भारतीय अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों (कृषि, उद्योग, सेवा) में उत्पादकता और दक्षता बढ़ाने के प्रति जागरूकता पैदा करना ही इसका मुख्य लक्ष्य है। राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद की स्थापना 12 फरवरी,1958 को केंद्र सरकार की ओर से की गई थी। जहां उत्पादकता में वृद्धि से व्यवसायों को संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और अधिक उत्पादन करने में मदद मिलती है, जिससे देश का आर्थिक विकास होता है। यह दिवस संगठनों को अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद प्रदान करने के लिए प्रेरित करता है। उत्पादकता बढ़ाने के लिए नए विचारों, तकनीकों और पद्धतियों को खोजने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। इस दिन कार्यशालाएं, सेमिनार और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं ताकि उत्पादकता के महत्व को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।

