नई दिल्ली: Airtel ने स्पैम की समस्या से निपटने के अपने लगातार प्रयासों के तहत आज अपना नया AI-पावर्ड फ्रॉड अलर्ट सिस्टम लॉन्च किया है। यह फीचर ग्राहकों को OTP (वन-टाइम पासवर्ड) से जुड़े बैंकिंग फ्रॉड से रियल-टाइम में सुरक्षित रखने में मदद करेगा। आजकल धोखेबाज़ डिलीवरी, कस्टमर सपोर्ट या अन्य रोज़मर्रा की सेवाओं का बहाना बनाकर ग्राहकों पर जल्दबाज़ी का दबाव बनाते हैं और उनसे बैंकिंग ट्रांजैक्शन से जुड़ा OTP साझा करवा लेते हैं। जैसे ही OTP साझा किया जाता है, ग्राहक के बैंक खाते में जमा राशि धोखाधड़ी के खतरे में पड़ जाती है।
Airtel का नया AI-पावर्ड सिस्टम ऐसी संदिग्ध परिस्थितियों की पहचान कर ग्राहकों को समय रहते सचेत करता है। जब किसी संभावित जोखिम भरी इनकमिंग कॉल के दौरान बैंक द्वारा भेजा गया OTP डिटेक्ट होता है, तो Airtel तुरंत ‘फ्रॉड अलर्ट’ के ज़रिये ग्राहक को चेतावनी देता है कि कॉल पर रहते हुए बैंकिंग ट्रांजैक्शन का OTP साझा करना जोखिम भरा हो सकता है। AI की इंटेलिजेंस और मानवीय सूझबूझ का यह प्रभावी संयोजन ग्राहकों को सोचने, परखने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक समय देता है, जिससे स्कैमर्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सुरक्षा अंतर को प्रभावी रूप से बंद किया जा सके।
इस पहल पर टिप्पणी करते हुए Airtel India के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ Shashwat Sharma ने कहा, “हम Airtel को एक सुरक्षित नेटवर्क बनाने के मिशन पर काम कर रहे हैं। इस दौरान हमने महसूस किया है कि डिजिटल लेन-देन को सुरक्षित रखने में OTP की अहम भूमिका होने के बावजूद, अपराधी अलग-अलग तरीकों से इसकी उपयोगिता को कमजोर कर रहे हैं। इसी को देखते हुए हमें Airtel के नेटवर्क स्तर पर एक महत्वपूर्ण तकनीकी प्रगति की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है, जिसे बैंकिंग फ्रॉड से सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए तैयार किया गया है। हमारा नया, AI-पावर्ड और स्वतः संचालित समाधान नेटवर्क स्तर पर पहले से सक्रिय रूप से काम करता है और रियल-टाइम में धोखाधड़ी की पहचान कर उसे रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है। व्यापक परीक्षणों में इस समाधान ने ऐसे स्कैम्स को रोकने में उच्च स्तर की सटीकता और प्रभावशीलता दिखाई है।”

