Saturday, July 18, 2026 |
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भारत-अमेरिका के मध्य अंतरिम व्यापार समझौते से रोजगार के द्वार खुलेंगे

by Business Remedies
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भारत और अमेरिका के मध्य इसी माह अंतरिम व्यापार समझौता ऐतिहासिक डील है, जिसके तहत भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। यह समझौता भारतीय निर्यातकों, विशेषकर एमएसएमई, किसानों और गारमेंट इंडस्ट्री के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी बाजार के दरवाजे खुलेंगे, जिससे निर्यात में भारी वृद्धि और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। यह व्यापार समझौता केवल लेन-देन पर आधारित बातचीत से आगे बढक़र अब एक रणनीतिक आर्थिक साझेदारी की ओर बड़ा कदम माना जा रहा है। इस व्यापार समझौते से रत्न-आभूषण (हीरे), फार्मास्युटिकल उत्पाद, स्मार्टफोन, टेक्सटाइल, चमड़ा और कुछ कृषि उत्पादों मसाले व फल पर जीरो टैरिफ की सुविधा मिलेगी। वहीं रूस से तेल खरीद को लेकर लगाए गए 25 फीसदी अतिरिक्त टैक्स को हटा दिया गया है। भारत, अमेरिका से ऊर्जा, रक्षा और टेक्नोलॉजी उत्पादों की खरीद बढ़ाएगा। व्यापार को आसान बनाने के लिए दोनों देश गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। आने वाले समय भारतीय निर्यातकों को भी इससे काफी फायदे होने वाले हैं। इस कम टैरिफ के कारण, भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में अन्य देशों के उत्पादों की तुलना में ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे, क्योंकि चीन को दोगुना शुल्क देना पड़ता है। छोटे और मध्यम उद्योगों, किसानों और मछुआरों को अमेरिकी बाजार तक सीधे पहुंच मिलेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। निर्यात में तेजी से टेक्सटाइल, गारमेंट और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में लाखों नए रोजगार पैदा होंगे। स्मार्टफोन, जेनेरिक दवाएं और एयरक्राफ्ट पार्ट्स जैसे उच्च मूल्य वाले सामानों का निर्यात बढ़ेगा। यह समझौता केवल टैरिफ घटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दोनों बड़े देशों के बीच भरोसे, स्थिरता और लंबे समय के तालमेल का संकेत देता है। भारत के लिए इससे बाजार तक बेहतर पहुंच, तकनीकी सहयोग और वैश्विक सप्लाई चेन में गहरी भागीदारी के अवसर खुलेंगे।



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