स्मार्टफोन शिपमेंट में आई बड़ी गिरावट
जून तिमाही में भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट 10% घटी
मेमोरी और अन्य कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमतों से मोबाइल हुए महंगे
15,000 रुपये से कम के स्मार्टफोन की शिपमेंट में 45% की आई गिरावट
नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क
भारत के स्मार्टफोन बाजार में अप्रैल-जून तिमाही के दौरान पिछले छह वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, मेमोरी की रिकॉर्ड ऊंची कीमतों और अन्य कंपोनेंट्स की लागत बढऩे से स्मार्टफोन महंगे हो गए, जिससे उपभोक्ता मांग कमजोर पड़ी और शिपमेंट सालाना आधार पर 10 प्रतिशत घट गई।
महंगे हुए स्मार्टफोन, घटी मांग
मेमोरी और अन्य कंपोनेंट्स की लागत लगातार बढऩे के कारण लगभग सभी प्रमुख स्मार्टफोन कंपनियों ने कई चरणों में कीमतें बढ़ाईं। दूसरी तिमाही के अंत तक स्मार्टफोन की औसत कीमतों में करीब 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे रिप्लेसमेंट मांग कमजोर पड़ गई और उपभोक्ताओं ने नए फोन खरीदने का फैसला टाल दिया।
बजट स्मार्टफोन सेगमेंट पर
सबसे बड़ा असर
15,000 रुपये से कम कीमत वाले स्मार्टफोन सबसे अधिक प्रभावित रहे। इस श्रेणी में शिपमेंट सालाना आधार पर 45 प्रतिशत घट गई। बदलते बाजार हालात को देखते हुए कई कंपनियों ने इस वर्ग में 4जी स्मार्टफोन पोर्टफोलियो का विस्तार किया ताकि कम कीमत वाले ग्राहकों को आकर्षित किया जा सके।
प्रीमियम फोन की मांग बनी मजबूत
45,000 रुपये से अधिक कीमत वाले अल्ट्रा-प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में अपेक्षाकृत मजबूती बनी रही। आसान फाइनेंसिंग और ईएमआई विकल्पों ने महंगे स्मार्टफोन को अधिक ग्राहकों की पहुंच में ला दिया, जिससे इस श्रेणी की मांग पर सीमित असर पड़ा।
पूरे साल बाजार पर रहेगा दबाव
रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2025 के बाद से स्मार्टफोन मेमोरी की कीमतें लगभग चार गुना बढ़ चुकी हैं और आने वाले महीनों में इनके पांच गुना तक पहुंचने की संभावना है। काउंटरपॉइंट रिसर्च का अनुमान है कि ऊंची लागत के चलते वर्ष 2026 में भारत के स्मार्टफोन बाजार में सालाना आधार पर लगभग 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हो सकती है।

