भारत का पर्यटन उद्योग मजबूत प्रगति कर रहा है, जिसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों क्षेत्रों में वृद्धि देखी जा रही है। जहां वर्ष, 2025 में भारत ने करीब पचपन लाख से अधिक विदेशी पर्यटकों का आगमन दर्ज किया, जबकि घरेलू पर्यटन में काफी बढ़ोतरी हुई है। पर्यटन उद्योग भारत के जीडीपी में लगभग 5.22 फीसदी का योगदान देता है और 46.5 मिलियन लोगों को रोजगार प्रदान करता है। पर्यटन को और अधिक बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार निरंतर प्रयासरत है। केंद्र सरकार ने मीट इन इंडिया पहल के तहत माइस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए हैं, जिससे वर्ष, 2026 में 15-25 फीसदी की वृद्धि की उम्मीद है। अडवेंचर टूरिजम में वृद्धि देखी जा रही है, जिसमें ट्रैकिंग,राफ्टिंग और साइक्लिंग जैसी गतिविधियों की मांग बढ़ रही है। टियर-ढ्ढढ्ढ और टियर-ढ्ढढ्ढढ्ढ शहर के तहत भी पर्यटन में वृद्धि देखी जा रही है, जो रोड-ट्रिप संस्कृति और मध्यम वर्ग के बढ़ते खर्च के कारण है। हॉस्पिटेलिटी उद्योग में भी 6-8 फीसदी की वृद्धि की उम्मीद है, जिसमें प्रीमियम होटलों की मांग बढ़ रही है। वर्ष, 2026 की शुरुआत में भारत का पर्यटन उद्योग तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें डिजिटल तकनीक, चिकित्सा पर्यटन, टिकाऊ और अनुभवात्मक यात्रा पर जोर है। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की यात्राओं में वृद्धि हो रही है। पर्यटन क्षेत्र के लिए सरकार ने बजट आवंटन बढ़ाया है, जिसमें 50 प्रमुख स्थलों का विकास, होमस्टे को बढ़ावा और ई-वीजा की सुविधा शामिल है। सतत् और आध्यात्मिक पर्यटन पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने से 2026 तक बाजार $१३.42 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे भारत एक वैश्विक स्वास्थ्य केंद्र बन रहा है।

