Monday, July 6, 2026 |
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Club First Robotics का लक्ष्य भारत के लिए स्वदेशी रोबोटिक समाधान विकसित करना है : Dr. Neelima Mishra

by Business Remedies
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जयपुर | Charu Bhatia | भारत का Robotics उद्योग Artificial Intelligence, Automation और तकनीकी आत्मनिर्भरता पर बढ़ते जोर के कारण प्रयोगात्मक चरण से निकलकर वास्तविक उपयोग की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। इस परिवर्तन में योगदान देने वाले उद्यमियों में Club First Robotics Private Limited की संस्थापक और निदेशक Dr. Neelima Mishra शामिल हैं। उनकी कंपनी रक्षा, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन, औद्योगिक सुरक्षा और नगर निगम सेवाओं जैसे क्षेत्रों के लिए स्वदेशी Robotic Solutions विकसित करने पर केंद्रित है। इस साक्षात्कार में Dr. Neelima Mishra अपनी उद्यमशीलता की यात्रा, Robotics क्षेत्र के विकास, उभरती प्रौद्योगिकियों की भूमिका, Make in India पहल के प्रभाव और इस बात पर चर्चा करती हैं कि क्यों उनका मानना है कि मानव-रोबोट सहयोग कार्यस्थलों के भविष्य को परिभाषित करेगा।

प्रश्न: आपको Robotics Manufacturing कंपनी स्थापित करने की प्रेरणा कहाँ से मिली और यह यात्रा कैसे विकसित हुई?

उत्तर: इसकी प्रेरणा मेरे पति Bhuvnesh Mishra और मेरे बीच साझा किए गए उस Vision से मिली, जिसके तहत हम भारत की वास्तविक चुनौतियों का समाधान करने वाले स्वदेशी Robotic Solutions विकसित करना चाहते थे। हमने देखा कि रक्षा, अग्निशमन, आपदा प्रतिक्रिया और औद्योगिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र आयातित प्रौद्योगिकियों पर अत्यधिक निर्भर थे। हमारा विश्वास था कि भारत के पास विश्वस्तरीय Robotic Systems को देश में ही Design और Manufacture करने की प्रतिभा और क्षमता मौजूद है। जो एक सपने के रूप में शुरू हुआ था, वह आज कई राज्यों और रणनीतिक क्षेत्रों में तैनाती करने वाली एक अग्रणी Robotics Manufacturing कंपनी बन चुका है। आज हमारे Robots अग्निशमन कर्मियों, रक्षा कर्मियों, नगर निगमों और उद्योगों की सहायता कर रहे हैं, जो नवाचार और राष्ट्र निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

प्रश्न: व्यवसाय के शुरुआती चरणों में आपको किन सबसे बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा?

उत्तर: सबसे बड़ी चुनौतियाँ Robotics के प्रति जागरूकता पैदा करना, Deep-Tech Innovation के लिए वित्तपोषण प्राप्त करना, कुशल कार्यबल तैयार करना और ग्राहकों को भारतीय निर्मित Robotic Solution पर भरोसा दिलाना थीं। उन्नत Robotics के निर्माण के लिए Research & Development में बड़े निवेश और निरंतर परीक्षण की आवश्यकता होती है। एक Startup के रूप में हमें यह साबित करना था कि भारतीय तकनीक वैश्विक मानकों की बराबरी कर सकती है। निरंतर प्रयासों, सफल Field Deployment और ग्राहकों के विश्वास के माध्यम से हमने इन चुनौतियों को पार किया और बाजार में अपनी विश्वसनीयता स्थापित की।

प्रश्न: जब से आपने शुरुआत की है, तब से Robotics उद्योग में क्या बदलाव आया है?

उत्तर: Robotics उद्योग में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है। पहले Robotics को एक विलासिता या भविष्य की अवधारणा माना जाता था। आज इसे सुरक्षा, उत्पादकता और परिचालन दक्षता में सुधार के लिए एक आवश्यकता के रूप में देखा जाता है। Artificial Intelligence, Internet of Things, Autonomous Navigation और Advanced Sensors के एकीकरण ने Robotics के दायरे का विस्तार किया है। उद्योग और सरकारी एजेंसियाँ तेजी से Robotic Systems को अपना रही हैं और भारत नवप्रवर्तकों, Startups तथा निर्माताओं के बढ़ते Ecosystem का साक्षी बन रहा है।

प्रश्न: आपकी कंपनी किस प्रकार के Robotic Solutions में विशेषज्ञता रखती है?

उत्तर: Club First Robotics में हम Unmanned Ground Vehicles, Firefighting Robots, Disaster Response Robots, Defence Robots, Manhole Cleaning Robots, Artificial Intelligence सक्षम Humanoid Service Robots और Industrial Automation Solutions के विकास में विशेषज्ञता रखते हैं। हमारा ध्यान मजबूत, विश्वसनीय और Mission-Critical Robotic Systems विकसित करने पर है, जो ऐसे खतरनाक वातावरण में काम कर सकें जहाँ मानवीय हस्तक्षेप जोखिमपूर्ण या अप्रभावी हो सकता है।

प्रश्न: किसी Robotics Product का अवधारणा से व्यावसायीकरण तक सामान्य Life Cycle क्या होता है?

उत्तर: इसका Life Cycle किसी वास्तविक समस्या की पहचान और ग्राहक आवश्यकताओं को समझने से शुरू होता है। इसके बाद Concept Development, Design Engineering, Simulation, Prototype Development, Testing, Field Trial और Product Refinement की प्रक्रिया होती है। जब Product परिचालन आवश्यकताओं को सफलतापूर्वक पूरा कर लेता है, तब हम Certification, Manufacturing, Deployment, Training और After-Sales Support की दिशा में आगे बढ़ते हैं। ग्राहकों से मिलने वाली निरंतर Feedback हमें Product को और बेहतर बनाने में मदद करती है।

प्रश्न: आप Artificial Intelligence, Machine Learning और Internet of Things जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनी Robotic Systems में कैसे एकीकृत करते हैं?

उत्तर: उभरती प्रौद्योगिकियाँ हमारी विकास रणनीति का केंद्रीय हिस्सा हैं। Artificial Intelligence और Machine Learning Robots को वस्तुओं की पहचान करने, वातावरण को समझने और बुद्धिमत्तापूर्ण निर्णय लेने में सक्षम बनाती हैं। Internet of Things दूरस्थ निगरानी, पूर्वानुमानित रखरखाव और वास्तविक समय में Data Transmission में सहायता करता है। इन प्रौद्योगिकियों को Advanced Sensors, Thermal Imaging, Autonomous Navigation और Analytical Capabilities के साथ जोड़कर हम अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और कुशल Robotic Systems विकसित करते हैं।

प्रश्न: वर्तमान में किन उद्योगों से आपके Robotic Solutions की सबसे अधिक मांग आती है और क्यों?

उत्तर: वर्तमान में सबसे अधिक मांग रक्षा, अग्निशमन सेवाओं, आपदा प्रबंधन एजेंसियों, तेल एवं गैस उद्योगों, नगर निगमों और महत्वपूर्ण अवसंरचना क्षेत्रों से आती है। ये उद्योग उच्च जोखिम वाले वातावरण में कार्य करते हैं जहाँ Robotics सुरक्षा को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाता है, परिचालन जोखिमों को कम करता है और दक्षता में सुधार करता है। संगठन यह समझ रहे हैं कि Robotics केवल तकनीक में निवेश नहीं है, बल्कि मानव सुरक्षा में निवेश भी है।

प्रश्न: क्या Robotics नौकरियों की जगह ले रहा है या कार्यबल के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है?

उत्तर: मेरा दृढ़ विश्वास है कि Robotics नौकरियाँ समाप्त करने की तुलना में अधिक अवसर पैदा कर रहा है। Robots मुख्य रूप से दोहराव वाले, खतरनाक और शारीरिक रूप से कठिन कार्यों को संभाल रहे हैं। साथ ही, Robotics Design, Manufacturing, Software Development, Artificial Intelligence Engineering, Maintenance, Operations, Training और System Integration जैसे क्षेत्रों में नए रोजगार भी उत्पन्न कर रहा है। भविष्य का कार्यबल Robots के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं बल्कि सहयोग करेगा।

प्रश्न: Make in India पहल ने आपकी विकास रणनीति को किस प्रकार प्रभावित किया है?

उत्तर: Make in India पहल ने स्वदेशी Manufacturing और Innovation को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसने हमारे जैसे Startups को देश के भीतर उन्नत प्रौद्योगिकियाँ विकसित करने के अवसर प्रदान किए हैं। इस पहल ने Research & Development, Manufacturing Infrastructure और Talent Development में निवेश करने के हमारे आत्मविश्वास को मजबूत किया है, साथ ही भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना में योगदान देने का अवसर भी दिया है।

प्रश्न: Robotics उद्योग के लिए छात्रों को तैयार करने में शैक्षणिक संस्थानों की क्या भूमिका होनी चाहिए?

उत्तर: शैक्षणिक संस्थानों को व्यावहारिक शिक्षा, बहु-विषयक अध्ययन, Innovation और Problem Solving पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। Robotics में Mechanical Engineering, Electronics, Software, Artificial Intelligence और Data Science का समावेश होता है। Universities को Robotics Laboratories, Industry Partnership, Innovation Centres और Startup Incubation Programs स्थापित करने चाहिए, ताकि छात्रों को वास्तविक अनुप्रयोगों और उभरती प्रौद्योगिकियों का अनुभव मिल सके।

प्रश्न: क्या भारतीय निर्माता दुनिया के समान गति से Robotics अपना रहे हैं?

उत्तर: भारत तेजी से प्रगति कर रहा है, लेकिन अत्यधिक स्वचालित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अभी भी विकास की पर्याप्त संभावनाएँ मौजूद हैं। बड़े उद्योगों ने Robotics को तेजी से अपनाना शुरू कर दिया है, जबकि कई MSMEs अभी शुरुआती चरण में हैं। हालाँकि जागरूकता में वृद्धि, किफायती समाधानों, सरकारी समर्थन और उत्पादकता तथा सुरक्षा सुधार की बढ़ती आवश्यकता के कारण इस अपनाने की गति लगातार तेज हो रही है।

प्रश्न: उन्नत Manufacturing में Innovation को प्रोत्साहित करने के लिए आप कौन से नीतिगत बदलाव देखना चाहेंगी?

उत्तर: मैं Deep-Tech Startups के लिए Research & Development Grant, वित्त तक आसान पहुँच, उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग, तेज Certification Processes और स्वदेशी तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहन जैसी सुविधाओं में वृद्धि देखना चाहूँगी। Local Procurement को बढ़ावा देने और दीर्घकालिक Innovation Investment को प्रोत्साहित करने वाली नीतियाँ भारत के उन्नत Manufacturing Ecosystem को काफी मजबूत कर सकती हैं।

प्रश्न: आप मानव-रोबोट सहयोग के भविष्य को कैसे देखती हैं?

उत्तर: भविष्य Robots द्वारा मनुष्यों की जगह लेने का नहीं, बल्कि मनुष्यों और Robots के साथ मिलकर काम करने का है। Robots खतरनाक, दोहराव वाले और Data-Based कार्यों को संभालेंगे, जबकि मनुष्य निर्णय लेने, रचनात्मकता और रणनीतिक संचालन पर ध्यान केंद्रित करेंगे। यह सहयोग उत्पादकता, सुरक्षा और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करेगा। आने वाले दशक में मानव-रोबोट सहयोग कार्यस्थलों का एक मानक हिस्सा बन जाएगा।

प्रश्न: Robotics और उन्नत Manufacturing में रुचि रखने वाले युवा Engineers और उभरते Entrepreneurs को आप क्या संदेश देना चाहेंगी?

उत्तर: भारत तकनीकी Innovation के एक परिवर्तनकारी दौर में प्रवेश कर रहा है और Robotics भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मैं युवा Engineers को प्रोत्साहित करती हूँ कि वे पारंपरिक Career Paths से आगे बढ़कर वास्तविक समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। जिज्ञासु बनें, निरंतर सीखने को अपनाएँ और असफलता से न डरें। Innovation के लिए दृढ़ता और साहस की आवश्यकता होती है। यदि आप तकनीकी विशेषज्ञता को दृढ़ संकल्प के साथ जोड़ते हैं, तो आप ऐसी प्रौद्योगिकियाँ विकसित कर सकते हैं जो न केवल सफल व्यवसाय स्थापित करें, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए भी सार्थक योगदान दें।



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