बिजऩेस रेमेडीज/मुंबई
Bank of India ने वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही के लिए अपने नतीजे घोषित किए। निवल लाभ, वर्ष-दर-वर्ष 35 प्रतिशत सुधरा तथा वित्तीय वर्ष 25 तिमाही 3 में रु. 2,517 करोड़ रहा जो वित्तीय वर्ष 24 तिमाही 3 में रु. 1,870 करोड़ था। आनुक्रमिक आधार पर, निवल लाभ 6त्न सुधरा तथा वित्तीय वर्ष 25 तिमाही 2 में रु. 2,374 करोड़ रुपये रहा।
आस्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर, निवल एनपीए में वर्ष-दर-वर्ष 29.07 प्रतिशत की कमी आई तथा यह दिसंबर’23 के रु. 7,627 करोड़ से घटकर दिसंबर’24 में रु. 5,410 करोड़ रहा। वैश्विक कारोबार, वर्ष-दर-वर्ष 13.62 प्रतिशत की वृद्धि के साथ दिसंबर’ 23 में रु. 12, 72,887 करोड़ से बढक़र दिसंबर’ 24 में रु. 14,46,295 करोड़ हो गया, जो कि वर्ष-दर-वर्ष 9.28 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
निवल ब्याज आय (एन.आई.आई), वर्ष-दर-वर्ष 11त्न की दर से बढ़ी तथा वित्तीय वर्ष 25 तिमाही 3 में रु 6,070 करोड़ रही जो वित्तीय वर्ष 24 तिमाही 3 में रु. 5,463 करोड़ और वित्तीय वर्ष 25 तिमाही 2 में रु. 5,986 करोड़ थी। बैंक का कुल पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीआरएआर) यथा 31.12.2023 को 16.06 प्रतिशत की तुलना में यथा 31 दिसम्बर 2024 को 16.00 प्रतिशत रहा।
रिटेल ऋण, वर्ष-दर-वर्ष 21.22त्न की वृद्धि के साथ दिसंबर’24 में रु. 1,27,825 करोड़ हो गए। (वाई.टी.डी वृद्धि: 14.66प्रतिशत) कृषि ऋण, वर्ष-दर-वर्ष 18.46 प्रतिशत की वृद्धि के साथ दिसंबर’24 में रु. 95,173 करोड़ हो गए। एमएसएमई ऋण, वर्ष-दर-वर्ष 16.36 प्रतिशत की वृद्धि के साथ दिसंबर’ 24 में रु. 89,134 करोड़ हो गए। प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र के अग्रिमों में वर्ष-दर-वर्ष 16.63 प्रतिशत वृद्धि हुई है और यथा दिसंबर ’24 को एएनबीसी का 45.27 प्रतिशत रही। कृषि अग्रिमों ने एएनबीसी का 21.19 प्रतिशत प्राप्त किया है। लघु एवं सीमांत किसानों को दिए गए अग्रिम विनियामकीय मानदंड 10 प्रतिशत की तुलना में दिसंबर ’24 में एएनबीसी का 11.76 प्रतिशत रहे हैं।
कमजोर वर्गों को दिए गए अग्रिम विनियामकीय मानदंड 12 प्रतिशत की तुलना में दिसंबर’24 में एएनबीसी का 14.11 प्रतिशत रहे हैं। बैंक ने वित्तीय वर्ष 25 तिमाही 3 के दौरान 2.23 लाख नए पीएमजेडीवाई खाते और वित्तीय वर्ष 25 की नौमाही के दौरान 10.49 लाख नए खाते खोले हैं। यथा 31 दिसंबर 2024, बैंक की 5202 घरेलू शाखाएं हैं।

