बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर
एक्सिस म्यूचुअल फंड ने 1 करोड़ से अधिक मौजूदा एक्सिस एमएफ ग्राहकों के डेटा का विश्लेषण किया और एक राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण किया तथा दिलचस्प अध्ययन, ‘महिला निवेश व्यवहार रिपोर्ट 2024’ पेश किया। पिछले पांच सालों (31 मार्च 2019 से 31 दिसंबर 2023) में जयपुर में महिला निवेशकों की संख्या 3.2 गुनी बढ़ी है। इसी अवधि में कानपुर में महिला निवेशकों का एयूएम 3.5 गुना बढ़ा। राजस्थान में इस दौरान महिला निवेशकों के एयूएम में 3.6 गुना वृद्धि दर्ज हुई। अध्ययन के निष्कर्ष के मुताबिक लगभग 72 प्रतिशत महिला निवेशक अब निवेश के बारे में स्वतंत्र रूप से निर्णय लेती हैं। रिपोर्ट में महिला निवेशकों द्वारा वित्तीय स्वायत्तता और विकास प्राप्त करने के लिए अपनाए गए सक्रिय दृष्टिकोण पर रोशनी डाली गई है, जिससे लंबे समय के निवेश के प्रति उनकी प्रतिबद्धता रेखांकित होती है।
एक्सिस एएमसी के एमडी एवं सीईओ, बी गोपकुमार ने कहा, कि म्यूचुअल फंड उद्योग में एक उल्लेखनीय बदलाव हो रहा है। अधिक से अधिक लोग, विशेष रूप से महिलाएं, अपनी वित्तीय रणनीति के रूप में म्यूचुअल फंड में निवेश करना पसंद कर रही हैं। एक्सिस एमएफ निवेशकों के निवेश पैटर्न पर हमारे शोध से पता चलता है कि एक्सिस म्यूचुअल फंड के ग्राहकों में महिलाओं की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत है और कुल एयूएम में उनकी हिस्सेदारी 35 प्रतिशत है। निवेशकों के बदलते परिदृश्य को समझना, विशेष रूप से महिलाओं की प्राथमिकताओं के संबंध में, निरंतर विकास के लिए महत्वपूर्ण है और हमारी रिपोर्ट का उद्देश्य है, इस पहलू पर प्रकाश डालना।
रिपोर्ट से मिली जानकारी :
1) अपेक्षाकृत अधिक दृढ़ता और दीर्घकालिक दृष्टि : महिला निवेशक, रूढ़िवादी छवि को तोड़ते हुए दीर्घकालिक निवेश की प्रबल समर्थक के रूप में उभर रही हैं। रिपोर्ट में पाया गया है कि वे रणनीतिक दृष्टिकोण प्रदर्शित करती हैं, जो प्रति महिला निवेशक द्वारा निवेश की गई अधिक राशि (25 प्रतिशत) और पुरुषों की तुलना में महिला निवेशक के औसतन अधिक निवेश कोष (37 प्रतिशत) दोनों से प्रदर्शित होता है। यह दीर्घकालिक दृष्टि को दर्शाता है, जिसमें महिलाओं ने पांच साल की अवधि में अपने म्यूचुअल फंड निवेश में 22त्न अधिक दृढ़ता दिखाई है। दीर्घकालिक धन सृजन के लिए यह प्राथमिकता न केवल व्यक्तिगत परिवारों के लिए बल्कि व्यापक अर्थव्यवस्था के लिए भी वित्तीय सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देती है।
2) डिजिटल भविष्य को अपनाना : डिजिटल क्रांति म्यूचुअल फंड उद्योग में आमूल बदलाव ला रही है, और महिलाएं इस बदलाव में सबसे आगे हैं। डेटा चौंकाने वाला है: केवल पांच साल में, फिनटेक चैनलों का उपयोग करने वाली एक्सिस एमएफ महिला निवेशकों का अनुपात 14त्न से बढक़र 55त्न हो गया है। यह उछाल, वित्तीय सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने में प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है। महामारी ने इस बदलाव को और तेज़ कर दिया है, जो बाजार में उतार-चढ़ाव के अनुकूल ढलने में महिलाओं की बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है। डिजिटल जरियों ने न केवल निवेश को सरल बनाया है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं के लिए पहुंच को भी व्यापक बनाया है। शैक्षिक प्रयासों के साथ, इन तकनीकी प्रगति ने महिलाओं को समझदारीपूर्ण निवेश विकल्प बनाने के लिए ज्ञान से लैस किया है, जिससे म्यूचुअल फंड खंड में उनकी भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
3) स्वतंत्र रूप से फैसला करना : अध्ययन से पता चलता है कि निष्क्रिय (पैसिव) महिला निवेशकों की छवि को तोड़ते हुए, उल्लेखनीय रूप से 71.9 प्रतिशत महिलाएं निवेश के बारे में स्वतंत्र रूप से फैसला करती हैं। युवा पीढ़ी में यह रुझान अधिक स्पष्ट है, जिसमें 25-34 वर्ष की आयु की 75 प्रतिशत महिलाएं और 35-44 वर्ष की आयु की 70 प्रतिशत महिलाएं अपने निवेश विकल्प चुनकर अपने वित्तीय भविष्य अपनी लगाम रखती हैं। यह सभी उम्र की महिलाओं के लिए वित्तीय सशक्तिकरण और स्वायत्तता की दिशा में भारी बदलाव को दर्शाता है, जो अधिक समावेशी और विविध निवेश परिदृश्य का मार्ग प्रशस्त करता है।

