बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। एमिटी यूनिवर्सिटी राजस्थान ने इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स पर पांच दिवसीय एफडीपी का सफलतापूर्वक आयोजन किया। एमिटी यूनिवर्सिटी राजस्थान ने एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (एआईयू) और प्रशासनिक विकास केंद्र (एएडीसी) के सहयोग से इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (आईपीआर) पर पांच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम (एफडीपी) का सफलतापूर्वक आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्घाटन यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) अमित जैन और के डीन रिसर्च प्रोफेसर विनय शर्मा ने किया। एआईयू-एयूआर-एएडीसी के नोडल अधिकारी और डायरेक्टर-एचआर अक्षत श्रीवास्तव और प्रबंधक एचआर अंकिता शर्मा ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और उन्हें एएडीसी की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। एफडीपी को एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ बायो-टेक्नोलॉजी की डॉ. मधुलता कुमारी और डॉ. राखी मुथा ने कॉर्डिनेट किया।
पांच दिवसीय कार्यक्रम में प्रो. कश्मीर सिंह (पीयू चंडीगढ़), डॉ. भारती जैन (स्वैश लीगल कंसल्टेंट्स) और यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित संकाय सदस्यों सहित कई एक्सपर्ट्स स्पीकर्स ने भाग लिया। प्रतिभागियों को पेटेंट, कॉपीराइट, इंडस्ट्रियल डिजाइन, भौगोलिक संकेत और स्ट्रेटेजिक आईपीआर योजना के बारे में बहुमूल्य जानकारी साझा की। पांच दिनों के कार्यक्रम में 8 एक्सपर्ट्स सेशन शामिल थे, जिसमें पेटेंट ड्राफ्टिंग तैयार करने और दाखिल करने की प्रक्रियाओं पर व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल था। एफडीपी ने संकाय सदस्यों और अनुसंधान विद्वानों को इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स, इनोवेशन और रिसर्च में इसकी भूमिका के बारे में उनकी समझ को मजबूत करने के लिए प्रेक्टिकल नॉलेज ज्ञान प्रदान किया।

