बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। मारूति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल), जो देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी है, ने अपने हरियाणा और गुजरात स्थित विनिर्माण संयंत्रों को Strategic Business Units (SBUs) में विभाजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक पुनर्गठन शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य आंतरिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना और कंपनी के निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज़ बनाना है।
नई संरचना के तहत बनाए गए तीन एसबीयू होंगे
1. गुडग़ांव और मानेसर प्लांट्स: इन दोनों सुविधाओं को मिलाकर एक एकल एसबीयू बनाया जाएगा।
2. गुजरात का हंसलपुर प्लांट: यह सुविधा एक स्वतंत्र एसबीयू के रूप में कार्य करेगी।
3. हरियाणा का खरखौदा प्लांट: यह आगामी सुविधा तीसरा एसबीयू बनेगी।
इन एसबीयूएस के प्रमुखों को अधिक स्वायत्तता दी जाएगी। वे उत्पादन, सुरक्षा, गुणवत्ता और औद्योगिक संबंध जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की देखरेख करेंगे, जिसमें केंद्रीय कार्यालय की भागीदारी सीमित होगी। यह सशक्तिकरण कंपनी के संचालन को अधिक चुस्त और प्रतिक्रियाशील बनाने के उद्देश्य से किया गया है।
एक उद्योग विशेषज्ञ ने बताया कि प्रत्येक विनिर्माण इकाई को एसबीयू के रूप में मानने का उद्देश्य संयंत्रों के बीच आंतरिक प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करना है, जिससे लागत-कुशलता, विश्वसनीयता और गुणवत्ता में सुधार हो सके। इस मॉडल में, जो संयंत्र सबसे अधिक लागत प्रभावी और भरोसेमंद साबित होगा, उसे अधिक व्यापार प्राप्त होने की संभावना होगी, जिससे कुल संचालन दक्षता को बढ़ावा मिलेगा। यह रणनीतिक कदम एमएसआईएल के निर्माण क्षमताओं और बाज़ार प्रतिक्रियात्मकता को बढ़ाने के व्यापक प्रयासों के अनुरूप है। हाल ही में कंपनी ने घोषणा की थी कि वह हरियाणा के खरखौदा संयंत्र में 7,410 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, ताकि 2029 तक इस साइट की कुल उत्पादन क्षमता 7.5 लाख यूनिट प्रति वर्ष तक बढ़ाई जा सके।

