भारत में AI का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और अब यह केवल काम करने के तरीके तक सीमित नहीं है, बल्कि नई नौकरियों के अवसर भी पैदा कर रहा है। LinkedIn की नई रिपोर्ट के अनुसार, 84 प्रतिशत भारतीय C-Suite नेताओं का मानना है कि AI उनकी संस्थाओं में नई भूमिकाओं का निर्माण कर रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह विश्वास सबसे अधिक Chief Marketing Officers (CMOs) के बीच देखने को मिला, जहां 94 प्रतिशत अधिकारियों ने कहा कि AI के कारण नई भूमिकाएं तैयार हो रही हैं। इससे स्पष्ट होता है कि व्यापारिक कार्यों में AI की भूमिका तेजी से मजबूत हो रही है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 84 प्रतिशत भारतीय C-Suite नेता अब महत्वपूर्ण व्यावसायिक निर्णय लेने के दौरान AI आधारित उपकरणों से मिलने वाले सुझावों को अहम मान रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि आधुनिक कारोबारी निर्णय प्रक्रिया में AI की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
हालांकि, AI को तेजी से अपनाने का दबाव भी बढ़ रहा है। लगभग 80 प्रतिशत भारतीय C-Suite नेताओं ने स्वीकार किया कि उन पर AI को तेजी से लागू करने का दबाव है, जबकि उसके वास्तविक प्रभाव को पूरी तरह मापना अभी भी चुनौती बना हुआ है। यह दबाव सबसे अधिक Chief Marketing Officers (CMOs) में 82 प्रतिशत और Chief Technology Officers (CTOs) में 81 प्रतिशत दर्ज किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, 39 प्रतिशत वरिष्ठ अधिकारियों ने लगातार बदलते कारोबारी माहौल के बीच तेजी से निर्णय लेना अपनी सबसे बड़ी नेतृत्व संबंधी चुनौती बताया। यह चुनौती Chief Marketing Officers (CMOs) में 46 प्रतिशत और Chief Executive Officers (CEOs) में 43 प्रतिशत रही।
LinkedIn के भारत कंट्री मैनेजर एवं VP LSS Product कुमारेश पट्टाबिरामन ने कहा कि भारत का C-Suite नेतृत्व अब ऐसे दौर में पहुंच चुका है, जहां पारंपरिक रणनीतियां तेजी से अप्रासंगिक हो रही हैं। ऐसे में नेताओं को बदलाव के साथ तेज निर्णय लेने, सफलता का सही आकलन करने और नए तथ्यों को अपनाने की क्षमता विकसित करनी होगी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत के C-Suite में अब Millennials की हिस्सेदारी 55 प्रतिशत हो चुकी है, जिससे वे वरिष्ठ नेतृत्व में सबसे बड़ा आयु वर्ग बन गए हैं।
इसके अलावा, कर्मचारियों की भविष्य की तैयारी को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। 51 प्रतिशत भारतीय C-Suite नेताओं ने माना कि उन्हें इस बात की स्पष्ट जानकारी नहीं है कि आने वाले समय में उनकी संस्थाओं को किन नई भूमिकाओं, कौशलों और क्षमताओं की आवश्यकता होगी। यह चिंता सबसे अधिक Chief Marketing Officers (CMOs) में 58 प्रतिशत दर्ज की गई। इन चुनौतियों के बावजूद, AI में किए जा रहे निवेश से सबसे बड़ी उम्मीद नवाचार की है। लगभग 90 प्रतिशत भारतीय C-Suite नेताओं ने माना कि AI निवेश का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य नए विचारों और नवाचार को बढ़ावा देना है।

