बिजनेस रेमेडीज | बालोद | छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुरूर विकासखंड अंतर्गत सुदूर आदिवासी ग्राम भेजा जंगली में तथागत ग्लोबल गुरुकुलम की स्थापना की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। भारतीय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त आईएएस एन. पी. सिंह तथा अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष जी. आर. राणा की गरिमामयी उपस्थिति में गुरुकुलम का विधिवत भूमिपूजन संपन्न हुआ। यह आयोजन जनजातीय उत्थान के उद्देश्य से जकवार फाउंडेशन और तथागत ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी ग्रामीणों की सहभागिता रही।
भूमिपूजन से पूर्व परंपरागत रूप से राजा राव बाबा और कंकालीन माता की पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एन. पी. सिंह ने कहा कि तथागत ग्लोबल गुरुकुलम की स्थापना का मूल उद्देश्य समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े आदिवासी और ग्रामीण बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, समकालीन और संस्कारयुक्त शिक्षा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जब तक सुदूर वनवासी क्षेत्रों के बच्चों को महानगरों के समान शिक्षा का अवसर नहीं मिलेगा, तब तक विकसित भारत का सपना अधूरा रहेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भेजा जंगली में स्थापित होने वाला यह गुरुकुलम शिक्षा की गुणवत्ता के मामले में दिल्ली और अन्य बड़े शहरों के प्रतिष्ठित विद्यालयों के समकक्ष होगा। यहां बच्चों को केवल अकादमिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों, नैतिकता और संस्कारों की भी शिक्षा दी जाएगी। गुरुकुलम में विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा, पर्सनालिटी डेवलपमेंट, करियर गाइडेंस, सेना एवं केंद्रीय बलों की भर्ती की तैयारी, रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम तथा महिलाओं के लिए कुटीर उद्योग आधारित प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए विशेष अवसर प्रदान किए जाएंगे।
एन. पी. सिंह ने जानकारी दी कि गुरुकुलम का निर्माण कार्य फरवरी माह से प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने यह भी संकल्प व्यक्त किया कि जब राजा राव पठार में राजा राव की पूजा का आयोजन होगा, उसी समय गुरुकुलम का उद्घाटन भी किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि राजा राव के आशीर्वाद से यहां अध्ययन करने वाले विद्यार्थी भविष्य में आईएएस, आईपीएस, न्यायाधीश जैसे उच्च पदों तक पहुंचेंगे और तभी इस पहल की वास्तविक सफलता सिद्ध होगी। इस गुरुकुलम से भेजा जंगली सहित आसपास के 10 से 12 गांवों के आदिवासी और ग्रामीण बालक-बालिकाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। भूमि पूजन की इस ऐतिहासिक पहल से पूरे वनांचल क्षेत्र में उत्साह और आशा की लहर देखी गई। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सरपंच शीला यादव, पंच नागेश्वर सलाम, दिनेश यादव, बलराम गोटी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।






