नई दिल्ली,
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष और महंगाई की आशंकाओं के बीच सोना और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। निवेशकों ने अनिश्चितता के माहौल में सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया, जिससे कीमती धातुओं की मांग मजबूत रही।
घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स में अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 0.31 प्रतिशत बढ़कर 10 ग्राम के लिए 1,62,018 रुपये पर पहुंच गया। वहीं मई डिलीवरी वाली चांदी 1.50 प्रतिशत चढ़कर 2,69,551 रुपये प्रति किलोग्राम पर दर्ज की गई। कारोबार के शुरुआती चरण में चांदी में लगभग 3.3 प्रतिशत और सोने में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई थी, हालांकि बाद में हल्की मुनाफावसूली से कीमतों में कुछ नरमी आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी 1.2 प्रतिशत बढ़कर 84.43 डॉलर प्रति औंस पर पहुंची, जबकि हाजिर सोना 0.8 प्रतिशत चढ़कर 5,176.69 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष छठे दिन में प्रवेश कर गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति मार्ग प्रभावित हुए हैं और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है।
अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव भी बाजार की दिशा तय कर रहा है। डॉलर सूचकांक 0.22 प्रतिशत बढ़कर 98.99 पर पहुंचा, जिससे अन्य मुद्राओं में खरीदारी करने वाले निवेशकों के लिए कीमती धातुएं अपेक्षाकृत सस्ती हो गईं। हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक शेयर बाजारों में मजबूती के कारण सुरक्षित मुद्रा के रूप में डॉलर की मांग में कमी आई थी। विश्लेषकों का कहना है कि चांदी की कीमतें 85 से 95 डॉलर के दायरे में कुछ समय ठहराव के बाद 100 डॉलर की ओर बढ़ सकती हैं। वहीं यदि होरमुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित रहती है तो सोना 5,500 से 5,600 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच सकता है।
ऊर्जा बाजार में भी तेजी का रुख रहा। इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर कच्चे तेल का अप्रैल अनुबंध 2.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 83.26 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं न्यूयॉर्क वाणिज्यिक एक्सचेंज में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट का अप्रैल अनुबंध 2.63 प्रतिशत चढ़कर 76.63 डॉलर प्रति बैरल पर दर्ज किया गया। श्रीलंका के पास एक अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत को डुबोने की खबर से तनाव और बढ़ गया है। इस घटना में कम से कम 80 लोगों की मौत की सूचना है। इससे क्षेत्रीय संघर्ष के और फैलने का खतरा गहरा गया है, जिसका असर वैश्विक बाजारों पर भी दिख रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने को 1,58,000 रुपये और 1,62,000 रुपये के स्तर पर समर्थन मिल रहा है, जबकि 1,75,000 रुपये और 1,80,000 रुपये पर प्रतिरोध देखा जा रहा है। चांदी के लिए 2,50,000 रुपये और 2,70,000 रुपये समर्थन स्तर हैं, जबकि 3,00,000 रुपये और 3,20,000 रुपये पर प्रतिरोध बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि ऊर्जा कीमतों में तेजी से महंगाई दबाव बढ़ सकता है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती टल सकती है। इससे अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल को सहारा मिलेगा और निकट अवधि में सोना-चांदी की कीमतों में अत्यधिक तेजी पर अंकुश लग सकता है। stock market update के अनुसार, निवेशकों की नजर अब कच्चे तेल, डॉलर और वैश्विक घटनाक्रम पर बनी हुई है।




