ओज़ोन परत के संरक्षण के लिए वैश्विक कार्रवाई के बारे में जागरूकता और प्रेरणा देने के लिए हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आज विश्व ओज़ोन दिवस मनाया जाएगा। जो हानिकारक पराबैंगनी (यूवी) विकिरण से पृथ्वी की महत्वपूर्ण सुरक्षा है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से वर्ष,1994 में स्थापित यह दिवस 1987 में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर की तिथि को चिह्नित करता है, जो एक महत्वपूर्ण घटना थी। जब राष्ट्र ओज़ोन परत को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों को नियंत्रित करने के लिए एकजुट हुए थे। ओज़ोन परत पृथ्वी के समताप मंडल में स्थित है और सूर्य की अधिकांश हानिकारक पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करती है, जिससे इसका संरक्षण सभी प्रकार के जीवन के लिए आवश्यक है। ओज़ोन परत का वैज्ञानिक प्रमाण 1913 में फ्रांसीसी भौतिकविदें चाल्र्स फैब्री और हेनरी बुइसन ने दिया था, जिन्होंने पाया था कि हमारे वायुमंडल में कुछ ऐसा है जो सूर्य से आने वाली विशिष्ट पराबैंगनी किरणों को रोक रहा है। वर्षों बाद 1980 के दशक में अंटार्कटिका के ऊपर ओज़ोन छिद्र की खोज ने ओज़ोन क्षरण को दूर करने की तात्कालिकता पर प्रकाश डाला। विश्व ओज़ोन दिवस 2025 ना केवल ओज़ोन क्षरण से उत्पन्न खतरों की याद दिलाता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय एकता और वैज्ञानिक प्रगति का उत्सव भी है। ओज़ोन संरक्षण के बारे में सीखकर, साझा करके और कार्य करके, आज के छात्र भविष्य के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित ग्रह सुनिश्चित कर सकते हैं।

