Wednesday, July 8, 2026 |
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Term Insurance: tenure से ज्यादा timing मायने रखता है

by Business Remedies
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बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली Term Insurance को वित्तीय सुरक्षा की आधारशिला माना जाता है – बचत या निवेश के फ्रिल्स लगाए बिना सिर्फ और सिर्फ सुरक्षा प्रदान करने का काम Term Insurance करता है। पारंपरिक जीवन बीमा योजनाओं में बीमा कवरेज और संपत्ति निर्माण दोनों को एकसाथ लाया जाता है, उनके विपरीत टर्म इन्शुरन्स बहुत ही सरल होता है: पॉलिसी टर्म के दौरान अगर पॉलिसी धारक की मृत्यु होती है तो उनके परिवार को एकमुश्त पेआउट मिलता है। बस, इतना सरल है। कोई बोनस नहीं, रिटर्न्स नहीं – सिर्फ और सिर्फ सुरक्षा।
बढ़ती वित्तीय जागरूकता के आज के दौर में एक सवाल हमेशा पूछा जाता है: टर्म इन्शुरन्स वास्तव में कब जरूरी होता है और व्यक्ति को कब तक कवर्ड रहना चाहिए?
Tata AIA Life Insurance के चीफ डिस्ट्रीब्यूशन ऑफिसर- प्रोप्राइटरी बिजनेस, अमित दवे ने कहा कि आज के उपभोक्ता टर्म इन्शुरन्स के बारे में काफी जागरूक हो चुके हैं। अब वे सिर्फ ब्लैंकेट कवरेज नहीं चाहते, बल्कि ये कब और क्यों जरूरी है यह भी पूछते हैं। सुरक्षा और योजना के बारे में हम कैसे सोच रहे हैं उसमें हो रहा सकारात्मक परिवर्तन इसमें दिखाई देता है। हमें एक सुस्पष्ट ट्रेंड दिखाई दे रहा है जिसमें लोग उनके टर्म प्लान्स को उनके वित्तीय लक्ष्यों और जीवन के चरणों के साथ बहुत करीब से अलाइन कर रहे हैं, चाहे वो बड़ी जिम्मेदारियों को कवर करना हो, बच्चों की शिक्षा के लिए पैसे जुटाना हो या सबसे ज्यादा कमाने के सालों में मन की शांति सुनिश्चित करना हो। बीमा कंपनी होने के नाते, हमारी भूमिका मात्र उत्पाद प्रस्तुत करने से भी कई बड़ी है, हम हमारे उपभोक्ताओं को निर्णय ले पाने के लिए सही इनसाइट्स देकर सक्षम करना चाहते हैं, हम चाहते हैं कि वे ऐसे निर्णय ले जो आज के लिए उचित और कल के लिए टिकाऊ हो।
Term Insurance की भूमिका: कमाई को रिप्लेस करना, जिन्दगी भर के लिए कवर नहीं : सभी फाइनेंसियल प्लानर एक बात हमेशा कहते हैं – टर्म इन्शुरन्स हमेशा के लिए नहीं होता है। इसका प्राथमिक उद्देश्य होता है व्यक्ति के कमाई करने के सक्रीय सालों में कमाई को रिप्लेस करना। अगर परिवार आपकी कमाई पर निर्भर है तो टर्म इन्शुरन्स सुनिश्चित करता है कि कल अगर दुर्भाग्यवश आप नहीं रहे तो परिवार को वित्तीय समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। होम लोन और ईएमआई से लेकर, शिक्षा के खर्च और रोजाना के खर्चों तक सब कुछ कवर करने में टर्म इन्शुरन्स मदद करता है।
अधिकतम लोगों के लिए यह जरूरत 25 से लेकर 60-70 वर्ष की आयु तक सबसे ज्यादा होती है, जब जिम्मेदारियां सबसे ज्यादा होती हैं और कमाई भी ज्यादा होती है। इस दौरान, टर्म इन्शुरन्स आपके लिए वित्तीय सुरक्षा कवच के रूप में काम करता है, परिवार की जीवनशैली, लक्ष्य और मन की शांति को बरकरार रखने में मदद कर सकता है।
जब सुरक्षा की गंभीरता कम होती है : जैसे जैसे आप सेवानिवृत्ति के नजदीक आते जाते है, 60 या 70 वर्ष की आयु के बाद – टर्म इन्शुरन्स की जरूरत कम होती जाती है। क्यों?
होम लोन और दूसरे कर्ज समाप्त हो चुके होते हैं।
बच्चें वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर हो चुके होते हैं।
सेवानिवृत्ति के लिए की गयी बचत हाथ में होती है।
रोजाना के खर्चों की प्लानिंग बेहतर और स्थिर होती है।
ऐसी स्थिति में, जो जरूरी नहीं है ऐसे टर्म कवरेज पर महंगे प्रीमियम भरते रहने के बजाय रिटायरमेंट कमाई, स्वास्थ्य देखभाल और संपत्ति को सुरक्षित रखने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। एक साइज सभी को फिट नहीं आता यानी एक समाधान सभी लोगों के लिए या सभी परिस्थितियों के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता है। आज भी ऐसा कोई समाधान नहीं है जो सभी के लिए सही हो। खुद का कारोबार करने वाला कोई व्यक्ति 60 की उम्र के बाद अच्छा कमाने लग सकता है। कई लोगों पर बुढ़ापे में बड़ी जिम्मेदारियां आ सकती हैं, जैसे कि, बहुत बूढ़े हो चुके माता-पिता या बहुत बाद में पैदा हुए बच्चें। उनके लिए पारंपरिक रिटायरमेंट आयु के बाद भी कवरेज को जारी रखना सही हो सकता है।/



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