Wednesday, July 1, 2026 |
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HDFC बैंक के शेयरों में गिरावट, नए चेयरमैन की नियुक्ति के बीच CEO चयन प्रक्रिया पर भी नज़र

by Business Remedies
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HDFC Bank Shares Decline After New Chairman Appointment As CEO Search Continues

भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक एचडीएफ़सी बैंक के शेयरों में Stock Market Update के दौरान मंगलवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट दर्ज की गई। बैंक ने पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को अगले 3 वर्षों के लिए नया अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त किया है। इस घोषणा के बाद निवेशकों की ओर से बिकवाली देखने को मिली, जिससे बैंक के शेयर दबाव में आ गए। कारोबार के दौरान एचडीएफ़सी बैंक का शेयर ₹.794 तक फिसल गया, जो 0.62 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। सुबह लगभग 9:45 बजे बीएसई पर यह दिन के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। बाद में शेयर ₹.794.55 पर कारोबार करता दिखाई दिया, जहां इसमें 0.56 प्रतिशत की गिरावट बनी रही।

बैंक ने सोमवार को नियामकीय सूचना के माध्यम से बताया कि राजीव कुमार को अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त किया गया है। उन्होंने अतनु चक्रवर्ती का स्थान लिया है। अतनु चक्रवर्ती ने इस वर्ष अपने पद से इस्तीफा देते हुए कहा था कि बैंक की कुछ कार्यप्रणालियां उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिक सिद्धांतों के अनुरूप नहीं थीं। मार्च में उनके इस्तीफे के बाद बैंक ने कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए केकी मिस्त्री को अंतरिम अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त किया था। अब स्थायी नियुक्ति होने के साथ बैंक के शीर्ष नेतृत्व में स्थिरता आने की उम्मीद जताई जा रही है।

इसी बीच यह भी जानकारी सामने आई है कि बैंक की गवर्नेंस, नॉमिनेशन एंड रिम्यूनरेशन समिति की सोमवार को हुई बैठक में बैंक के CEO की दोबारा नियुक्ति के प्रस्ताव पर विचार नहीं किया गया। रिपोर्टों के अनुसार बैंक जल्द ही CEO की पुनर्नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। बैंक की प्राथमिकता पहले स्थायी चेयरमैन की नियुक्ति पूरी करना है, जिसके बाद इस विषय पर आगे बढ़ा जाएगा।

शेयर के प्रदर्शन की बात करें तो पिछले 52 सप्ताह में एचडीएफ़सी बैंक का उच्चतम स्तर ₹.1,020.35 और न्यूनतम स्तर ₹.726.75 रहा है। वहीं पिछले 1 वर्ष में बैंक का शेयर 20 प्रतिशत से अधिक कमजोर हुआ है, जबकि पिछले 6 महीनों में भी इसमें लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा, एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे की कानूनी समीक्षा को आवश्यकता से अधिक औपचारिक बताया है। उनका कहना था कि समीक्षा मुख्य रूप से नियामकीय अनुपालन तक सीमित रही, जबकि उन्होंने बैंक की कुछ कारोबारी कार्यप्रणालियों से जुड़े व्यापक मुद्दों और चिंताओं को उठाया था।



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