नई दिल्ली। जेड-टेक (इंडिया) सतत अवसंरचना और पर्यावरण समाधान प्रदाता कंपनी है। कंपनी ने शेयर बाजारों को सूचित किया है कि उसे शिमला नगर निगम से शहर के विभिन्न स्थानों पर स्क्रैप और अपशिष्ट पदार्थों से निर्मित लघु मूर्तियां, मूर्तियां और विषयगत संरचनाओं के डिजाइन, निर्माण और स्थापना के लिए एक प्रतिष्ठित अनुबंध प्राप्त हुआ है।
यह परियोजना ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मॉडल के तहत निष्पादित की जाएगी, जिसका कुल ऑर्डर मूल्य 4.51 करोड़ रुपये है। प्रस्तावित पहल – ‘वेस्ट टू वंडर पार्क, शिमला’ – का उद्देश्य शहरी कचरे को कलात्मक, शैक्षिक और पर्यटन को आकर्षित करने वाली संरचनाओं में परिवर्तित करना है जो पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देती हैं। यह शिमला के सतत शहरी विकास और नवीन अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह हिमाचल प्रदेश में जेड-टेक इंडिया की पहली परियोजना होगी, जो पहाड़ी क्षेत्र और एक प्रमुख पर्यटन स्थल में एक अभूतपूर्व प्रवेश का प्रतीक है।
इस परियोजना में वैचारिक विषयों के संपूर्ण डिजाइन और विकास को शामिल किया गया है, जिसमें पुनर्चक्रित और अपशिष्ट पदार्थों का उपयोग किया गया है, साथ ही लघुचित्रों, मूर्तियों और संरचनात्मक प्रतिष्ठानों का निर्माण भी शामिल है, जिन्हें शिमला नगर निगम की सीमा के भीतर प्रमुख क्षेत्रों में रणनीतिक रूप से स्थापित किया जाएगा।
पहाड़ी क्षेत्र में कंपनी की यह पहली परियोजना है, जो चुनौतीपूर्ण भूभागों और अधिक पर्यटक स्थलों में विशेषीकृत ईपीसी कार्यों को निष्पादित करने की जेड-टेक की क्षमता को और प्रदर्शित करती है।
इसमें संपूर्ण ईपीसी निष्पादन शामिल होगा, जिसमें योजना, इंजीनियरिंग, खरीद, निर्माण और ऑन-साइट कार्यान्वयन शामिल हैं और जो शिमला के व्यापक स्मार्ट सिटी विजन व पर्यावरण-पर्यटन विकास उद्देश्यों का समर्थन करते हुए निर्बाध वितरण सुनिश्चित करेगा।

